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भूमाफिया यशपाल तोमर की 100 करोड़ की 135 बीघा जमीन कुर्क

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संपत्ति कुर्क करती पुलिस। अमर उजाला - फोटो : Grnoida
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दादरी। मेरठ पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने पट्टेदारों से जमीन हड़पकर रिश्तेदारों और नौकरों के नाम करने के आरोपी भूमाफिया यशपाल तोमर की शुक्रवार को चिटहेरा गांव में करीब 100 करोड़ रुपये की 135 बीघा जमीन को कुर्क कर लिया। पुलिस-प्रशासन ने लोगों को अपील की है कि वह जमीन की खरीद-फरोख्त न करें। इसके अलावा पट्टेदारों और मामले में जानकारी देने वाले लोगों से बयान दर्ज कराने के लिए भी कहा गया, ताकि भूमाफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके।
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भूमाफिया के खिलाफ मेरठ, हापुड़ और ग्रेटर नोएडा में मामले दर्ज हैं। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे मेरठ के एएसपी विवेक कुमार के नेतृत्व में तहसीलदार दादरी विवेकानंद मिश्रा और पुलिस-प्रशासन की टीम चिटहेरा गांव पहुंची। इसके बाद यशपाल की 28 खसरों की 135 बीघा जमीन को लेखपालों से चिह्नित कराया गया। यह जमीन नौकर कृष्णपाल, कर्मवीर और बेलू के नाम थी। जमीन का मुआवजा ग्रेनो प्राधिकरण से उठाया जा चुका है। मुआवजे का पैसा यशपाल ने नौकरों के बैंक खातों से ससुर ज्ञानचंद और साले के खाते में स्थानांतरित कराया था। फिर वहां से अपने खातों में ट्रांसफर करा लिया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जमीन की पैमाइश कराने के बाद कब्जा कर कुर्की का बोर्ड लगाते हुए लोगों को इसकी खरीद-फरोख्त न करने की अपील की गई है। करीब 6 घंटे तक पुलिस-प्रशासन ने कागजी कार्रवाई की।
मेरठ की टीम में शामिल परतापुर कोतवाली निरीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कोतवाली में यशपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। आला अधिकारियों के निर्देश पर जमीन को कुर्क कराने के लिए चिटहेरा में आए हैं। कार्रवाई के दौरान तीन स्थानों पर बोर्ड लगाकर संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की सूचनाएं लिखी गईं। साथ ही, गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों से अपील की गई कि इस जमीन को सरकार ने कुर्क कर लिया है।
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ग्रामीण मिंटू ने की बबर्रता की कहानी बयां
पुलिस के अनुसार, चिटहेरा निवासी ग्रामीण मिंटू ने संयुक्त टीम को बताया कि उसकी साढ़े छह बीघा जमीन को यशपाल ने खरीदने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। आरोप है कि यशपाल ने चेतावनी दी थी कि दिल्ली व पंजाब में मुकदमा दर्ज कराकर जेल जाने को तैयार हो जाए। कुछ दिन बाद ही उसके खिलाफ उत्तराखंड और पंजाब में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके बाद वह तीन माह तक जेल में बंद रहा। यशपाल की प्रताड़ना से गांव के करीब 12 से अधिक ग्रामीण पीड़ित हैं और जेल भी जा चुके हैं।
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