फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लीड खबर

विज्ञापन
विज्ञापन
नूंह। जिले के 80 फीसदी लोग प्रत्यक्ष रूप से कृषि से जुड़े हुए हैं। वहीं यहां के किसानों को कृषि विभाग की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कृषि विभाग को अभी तक अपना स्थायी कार्यालय नसीब नहीं हुआ है। ऐसे में विभाग 6 जगहों पर बांटा हुआ है। इसकी वजह से अधिकारियों द्वारा किसानों तक विभाग की योजनाओं को बेहतर तरीके से नहीं पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन

कृषि विभाग के कुछ कर्मचारी नूंह के नई सब्जीमंडी रोड पर एसडीओ कार्यालय जर्जर भवन में बैठते हैं। मृदा परीक्षण व सहायक भूमि मृदा परीक्षण पुराने एडीसी कार्यालय में, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, सहायक कृषि अभियंता महिला थाना परिसर में, तकनीकी सहायक अंतोदय भवन परिसर में व कृषि उपनिदेशक कार्यालय भी पुराने एसडीएम कार्यालय में चल रहा है।
ऐसे में यहां पर आने वाले किसानों को अपने कार्यों के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। कृषि विभाग के पास नूंह शहर के नई सब्जीमंडी व मेडिकल रोड पर करीब साढ़े तीन एकड़ अपनी जमीन भी है। इसके बावजूद विभाग का जिला कार्यालय नहीं बन पा रहा है।
विज्ञापन

जिला प्रशासन व विभाग की इस कार्यशैली से किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं भी चलाई हैं। लेकिन जिले में कृषि विभाग के पास अपना जिला कार्यालय नहीं है।
प्रशासनिक अधिकारी नहीं ले रहे रुचि
जिला कृषि विभाग कार्यालय कई साल पूर्व सचिवालय में शुरू हुआ था। वहां से जिला कार्यालय को पुराने एसडीएम ऑफिस, महिला थाना परिसर में शिफ्ट कराए हुए भी करीब तीन साल बीत चुके हैं। इसके बावजूद जिला कार्यालय बनने का रास्ता नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है जिला प्रशासन का कार्यालय बनाने में कोई रुचि नहीं है।
किसानों के लिए चल रहीं हैं योजनाएं
कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मेरी फसल मेरी ब्यौरा, मेरा पानी मेरी विरासत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, मृदा नमूना जांच, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना सहित कई योजनाएं सिरे नहीं चढ़ पा रही है। जिससे किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रह है।
उप निदेशक को दिया अतिरिक्त कार्यभार
जिले में कई साल से कृषि उप निदेशक को अतिरिक्त कार्यभार दिया हुआ है। जोकि पलवल में स्थायी रूप से नियुक्त हैं ऐसे में आधे समय पलवल में रहते हैं। जिससे नूंह जिले पर अधिक ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसी कारण बेहतर तरीके से कार्य नहीं हो पा रहा है।
सरकार को इस समस्या का तुरंत समाधान कराना चाहिए। जिस विभाग के पास अपना कार्यालय ही नहीं है वहां पर अधिकारी व कर्मचारी कैसे कार्य कर सकते हैं।- साबिर, किसान, मालब।
---
सरकार किसानों के हितैषी बनने के बड़े बड़े दावे कर रही है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। निश्चित ही यह जिले में बड़ी समस्या है।- जाकिर, कोटला
---
सरकार व प्रशासन को इस बारे में सोचने की जरूरत है। अगर विभाग को कार्यालय मिलता है तो किसानों की काफी जरूरत पूरी होंगी।
अख्तर चंदेनी, किसान।
---
कृषि विभाग के पास जिला कार्यालय नहीं होने से अधिकारियों व कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस समस्या के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया हुआ है। समाधान की पूरी उम्मीद है।- डॉ. महाबीर सिंह, कार्यकारी उप निदेशक, कृषि विभाग, नूंह।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें