नूंह। जिले में किसान संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने शनिवार को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जाकिर हुसैन के घर और कार्यालय के बहार विरोध प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां भी जलाईं। किसानों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करे। ये कानून किसानों और मजदूरों को बंधुआ मजदूर बना देंगे। साथ ही प्रदेश सरकार से गिरफ्तार किसानों को रिहा करने की गुहार लगाई। उधर, इनेलो कार्यकर्ताओं ने भी कृषि कानूनों के विरोध में रोष प्रकट किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य रमजान चौधरी, जय किसान आंदोलन से एडवोकेट दीन मोहम्मद, नागरिक मंच से एडवोकेट अरशद खाननीमका, मेवात किसान यूनियन से दिलशाद अहमद, एडवोकेट यूनिटी वेलफेयर सोसाइटी धुलावट से साजिद खान, निशार खान, भारतीय किसान यूनियन टिकैत से बहाउद्दीन, आजाद खान, अखिल भारतीय किसान सभा सीटू के उपाध्यक्ष कॉमरेड सतबीर सिंह, सीटू जिला संयोजक अनिल, आर्य लालचंद कलवाड़ी और उमर मोहम्मद जयसिंहपुर ने कहा कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन सकें। इस दौरान किसानों ने देश में राजनीतिक क्रांति के माध्यम से गलत सोच की सरकारों को बदलकर स्वच्छ वातावरण बनाने का संकल्प लिया।
इनेलो कार्यकर्ताओं ने भी नूंह स्थित पार्टी कार्यालय पर नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर रोष प्रकट किया। इनेलो के नवनियुक्त जिला प्रभारी आनंद श्योराण ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों और मजदूरों की हितैषी है। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ उनकी पार्टी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हुई है। पार्टी के प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने कृषि कानूनों के विरोध में विधायक से अपना इस्तीफा दिया। उनका किसानों के समर्थन में लगातार विरोध जारी रहेगा। उन्होंने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द कृषि कानूनों को वापस ले। उन्होंने इनेलो कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वह एकजुट होकर किसान विरोधी सरकार का मुकाबला करें। इस मौके पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष सुबान खां, किसान सेल के जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह इंडरी, हलका अध्यक्ष इब्राहिम पहलवान सलंबा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो : नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करते किसान। संवाद