परामर्श देने में जिले के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ने सभी को पछाड़ दिया है। अब तक इस सुविधा का 5548 बीमार लोगों ने लाभ उठाया है। वहीं, दूसरे स्थान पर जिले के ही नोएडा सेक्टर-30 स्थित शिशु अस्पताल (चाइल्ड पीजीआई) ने बीमार लोगों को परामर्श दिलाया है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद मई माह में जनसामान्य के लिए जहां अस्पताल जाना खतरे से खाली नहीं था। उस दौरान प्रदेश सरकार ने 23 मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में ई-संजीवनी नाम से ऑनलाइन मुफ्त ओपीडी सेवा शुरू की थी।
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परामर्श देने में जिले के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ने सभी को पछाड़ दिया है। अब तक इस सुविधा का 5548 बीमार लोगों ने लाभ उठाया है। वहीं, दूसरे स्थान पर जिले के ही नोएडा सेक्टर-30 स्थित शिशु अस्पताल (चाइल्ड पीजीआई) ने बीमार लोगों को परामर्श दिलाया है।
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ई-संजीवनी पोर्टल पर अस्पताल के 22 डॉक्टरों का पंजीकरण है। जिम्स में दस विभागों में यह डॉक्टर मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। लगभग तीन माह बाद जिम्स के डॉक्टरों ने 5548 मरीजों को उपचार के लिए परामर्श दिया है।
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प्रदेश के 23 मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की सूची में सबसे अधिक मरीजों को उपचार के लिए परामर्श देने में यह आगे निकल गया है। दूसरे स्थान पर जिले के ही एक अन्य परा स्नातक मेडिकल कॉलेज शिशु अस्पताल ने मरीजों को ओपीडी दी है।
यहां ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से डॉक्टरों ने 5325 मरीजों को अबतक परामर्श दिया है। प्रदेश के 23 मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में यह ई-संजीवनी सुविधा शुरू होने से अब तक करीब 24427 मरीजों को पोर्टल पर परामर्श दिया गया है।