नूंह/पुन्हाना/ फिरोजपुर झिरका। अन्याय पर न्याय तथा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। नूंह, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका में रामलीला के मैदानों में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन होने के साथ ही जय श्री राम के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। रावण के जलते ही आतिशबाजी से पूरा वातावरण गूंज उठा। तरह-तरह की रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा वातावरण जगमगा उठा। पुतलों से तरह-तरह की रोशनी निकल रही थी, जोकि काफी मनमोहक लग रही थी। इससे पहले लोगों ने भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और दुर्गा मां की झांकियां भी निकाली। वहीं, कई जगहों पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। दशहरा का मेला देखने गांवों से हजारों लोग पहुंचे। त्योहार पर कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से भारी पुलिस जवानों को रामलीला मैदानों में तैनात किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद दिखी।
जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह, पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनियां और एसडीएम रणबीर सिंह, डीएसपी सतीश वत्स ने जिले के लोगों को विजयादशमी पर्व की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि विजयादशमी के दिन प्रत्येक व्यक्ति को अपने अंदर छिपे रावण को समाप्त कर भगवान राम के सच्चे आदर्शाें को जीवन में उतारना चाहिए। इससे पूर्व यहां के रामलीला मैदान से एक शोभायात्रा निकाली गई, जो दशहरा मैदान पहुंची। इसके बाद भगवान श्रीराम ने रावण के पुतले का दहन किया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के प्रधान राजकुमार चुटानी, संरक्षक आजाद मोहम्मद, निर्देशक अशोक शर्मा, नरेश जैन, वेद हंस, संदीप अग्रवाल, महेश गर्ग, भगवान दास सैन, भूषण गोयल, शेखर सैनी आदि मौजूद रहे।
लोगों ने की सुख-समृद्धि की कामना
दशहरा पर्व पर घरों पर विशेष पकवान बनाए गए तथा विशेष पूजा-अर्चना हुई। मिट्टी से बनीं कुलियों का पूजन किया गया तथा उनमें खील, बतासे या अन्य सामान भर कर आपस में वितरित किए गए। बहनों द्वारा भाइयों के मस्तक पर टीका कर उनके कानों में जौ की वालियां लटका कर उनके सुख-समृद्धि की कामना की गई। दशहरा पर सांझियों का भी विसर्जन किया गया। जिन लोगों ने अपने घरों में नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की थी, उन प्रतिमाओं का भी विसर्जन किया गया।
बेरोजगारी, अशिक्षा और भ्रष्टाचार से लड़ने की शपथ
नगीना। विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में याद किया जाता है। नगीना में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने बेरोजगारी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, अन्याय, अपराध, गरीबी से लड़ने और भाईचारा मजबूत करने की शपथ ली। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयंसेवी रजत जैन ने की। मुख्य वक्ता राजू गांधी ने कहा कि 10 दिन तक राम की विभिन्न लीलाओं के बारे में क्षेत्रवासियों ने मंचन देखा है। रावण द्वारा माता सीता को हरण करने की बुराई के खिलाफ रावण के अंत के साथ विजयादशमी मनाई जाती है। अध्यक्ष रजत जैन ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर छिपी रावण रूपी बुराई को समाप्त करने की शपथ दिलाई गई है। इससे हिंदू-मुस्लिम भाईचारा भी मजबूत होगा। क्योंकि, समाज में निरंतर बुराइयां बढ़ रही हैं। पंडित नवीन शर्मा, रामलीला कमेटी के संरक्षक अमर चंद सैनी ने कहा कि भगवान राम के प्रति अपनी सच्ची श्रद्धा, निष्ठा, आस्था व भावना के साथ उनके अवतार के सपने को सार्थक उद्देश्य तक पहुंचाना है। सद्दीक गोरवाल नगीना, पूर्व पार्षद नसीम अहमद कल्ला, समाजसेवी सबीला घागस ने बताया कि नारी सशक्तिकरण के लिए बिना किसी भेदभाव के लड़कियों को शिक्षा दिलानी है। ऐसे माहौल का निर्माण करना है, जिसमें उनका दम न घुटे। इस मौके पर गिरराज सिंह गजमोती, राहुल साहू, रशीद अहमद, कुतबुद्दीन, लाला राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कोरोना के कारण नहीं हुआ रावण दहन
पुन्हाना। कोरोना के कारण कस्बा पिगनवां और पुन्हाना में इस बार घरों पर ही दशहरा का पर्व मनाया गया। पुन्हाना और पिनगवां में रामलीला का आयोजन तो किया गया, लेकिन कोरोना के कारण रावण दहन और मेले का आयोजन नहीं हुआ। वहीं, पुन्हाना कस्बे के बडे़ गांव बिछौर में रामलीला के साथ-साथ दशहरा मेले का आयोजन किया गया।