सेक्टर-132 एटीएस बिल्डर की बिल्डिंग। अमर उजाला
नोएडा। प्राधिकरण ने सेक्टर-132 में एटीएस के आईटी सेक्टर के लिए आवंटित करीब 30 हजार वर्गमीटर के प्लॉट को निरस्त कर दिया है। यहां एटीएस बूके प्रोजेक्ट के तहत चार टावर बने हुए हैं। इनमें ऑफिस चलाने के लिए 600 यूनिट में खरीदारों ने बुकिंग कर रखी है। बुधवार को प्राधिकरण ने खरीदारों को ऑफिस में जाने से मना किया तो उन्हें निरस्तीकरण की जानकारी हुई। इसके बाद खरीदारों ने प्रदर्शन भी किया। बताया जा रहा है कि कुछ समय के लिए ऑफिस को सील भी किया गया, लेकिन बाद में सील हटा दी गई।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि 27 दिसंबर 2011 को प्लॉट की लीज डीड की गई थी। इसके बाद 2012 में प्लॉट का कब्जा दिया गया। लीज डीड के तय समय के अनुसार भूखंड पर निर्माण कार्य पूरा नहीं किया। करीब 15 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया भी है। इस बारे में जनवरी 2012 को बिल्डर को प्लॉट निरस्तीकरण का नोटिस दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर प्राधिकरण ने सात जून को प्लॉट निरस्त कर दिया। इस बाबत बिल्डर से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
खरीदारों को भी नहीं चला प्लॉट निरस्तीकरण का पता
एटीएस बूके वेलफेयर एसोसिएशन (पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है) के सचिव अजय जैन ने बताया कि अभी करीब दस दिन पहले उन सभी को यह सूचना मिली थी कि प्लॉट निरस्त हुआ है। इस बारे में बिल्डर ने कोई बात नहीं बताई। बुधवार को जब वहां ऑफिस खोल चुके लोगों को घुसने नहीं दिया गया तो जाकर हकीकत का पता चला। इसके बाद वहां खरीदारों ने प्रदर्शन किया। मांग है कि उनकी संपत्ति लौटाई जाए।
बिना काम पूरे हुए मिल गया ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट
खरीदारों का यह आरोप है कि प्रोजेक्ट में अभी काफी काम बचा हुआ है। ऐसे में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) नहीं मिलना चाहिए था, लेकिन इसे दे दिया। बिल्डर ने इसका फायदा उठाते हुए और बुकिंग कर ली जिससे कई अन्य खरीदार फंस गए। प्रोजेक्ट में निवेश के बाद उन्हें पता चला कि अभी काफी काम बचा हुआ है। उन्होंने प्राधिकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिल्डर को ओसी कैसे मिल गया।
तीन टावर ऑफिस तो एक रिटेल स्पेस
करीब 30 हजार वर्गमीटर में बनी इमारत में तीन टावर में ऑफिस हैं। एक टावर रिटेल स्पेस का है जिसमें अभी काफी काम बचा हुआ है। ऑफिस स्पेस के लिए करीब 10 प्रतिशत लोगों ने काम कराना शुरू कर दिया था।