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Noida News: दूसरे राज्यों में नहीं बनेंगे आईपीयू की सीईटी प्रवेश परीक्षा के सेंटर

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-दिल्ली-एनसीआर के बाहर बनाए गए सभी केंद्रों को रद किया गया
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-दूसरे राज्यों के परीक्षार्थियों को यही आकर ही देनी होगी प्रवेश परीक्षा

-लोकसभा चुनाव के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिया ये निर्णय
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-15 अप्रैल को आवेदन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद आवंटित होंगे सेंटर

-27 अप्रैल से 12 मई तक आयोजित की जाएगी सीईटी प्रवेश परीक्षा

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में यूजी, पीजी व पीएचडी में दाखिले के इच्छुक उम्मीदवारों को दिल्ली-एनसीआर में बनाए गए सेंटरों पर ही सीईटी (कॉमन एंट्रेस टेस्ट) परीक्षा देनी होगी। आईपीयू ने इस बार दिल्ली से बाहर के राज्यों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाने का फैसला किया है। दरअसल जब दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया को शुरू किया गया था, तब दिल्ली-एनसीआर के बाहर भी सेंटर बनाए गए थे। अब प्रशासन ने लोकसभा चुनाव के कारण उन परीक्षा केंद्रों को रद कर दिया है।
आईपीयू यूजी, पीजी, पीएचडी व एमबीए प्रोग्राम में दाखिले के लिए सीईटी प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है। इस साल यह प्रवेश परीक्षा 27 मई से 12 मई तक होनी है। आईपीयू में 85 फीसदी सीटों पर दिल्ली के छात्र व 15 फीसदी सीटों पर बाहरी छात्रों का दाखिला होता है। इस कारण से दूसरे राज्यों के भी बहुत से उम्मीदवार यहां आवेदन करते हैं। इस साल की आवेदन प्रक्रिया में भी काफी उम्मीदवार दिल्ली से बाहर के हैं। दिल्ली से बाहर के सेंटर रद किए जाने पर प्रशासन का तर्क है कि जब फरवरी में आवेदन प्रक्रिया की शुरू हुई थी, तब लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा नहीं की गई थी। अब लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में उम्मीदवारों के लिए दिल्ली-एनसीआर के बाहर परीक्षा सेंटर नहीं होंगे। दूसरे राज्यों के छात्रों को दिल्ली-एनसीआर आकर ही परीक्षा देनी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सीईटी-2024 परीक्षा विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केंद्रों पर ही आयोजित की जाएगी। इन्हें अलग से अधिसूचित किया जाएगा।
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1.50 लाख तक पहुंच सकता है आवेदनों का आंकड़ा
मालूम हो कि विभिन्न प्रोग्राम में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अप्रैल को समाप्त होगी। ऐसे में आवेदनों का आंकड़ा डेढ़ लाख तक पहुंचने की संभावना है। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही प्रशासन तय करेगा कि दिल्ली-एनसीआर में कहां-कहां सेंटर बनाए जाने हैं और इनकी संख्या कितनी होगी। प्रशासन दिल्ली-एनसीआर में ज्यादा से ज्यादा सेंटर बनाने पर विचार कर रहा है, जिससे कि उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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