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डॉक्टर खुदकुशी मामले में विधायक जारवाल के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश

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नई दिल्ली। अदालत ने दक्षिण दिल्ली में एक डॉक्टर की कथित खुदकुशी के मामले में आप विधायक प्रकाश जारवाल के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जारवाल पर खुदकुशी के लिए उकसाने, जबरन वसूली व अन्य धाराओं में आरोप तय करने का निर्देश दिया है।
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डॉ. राजेंद्र सिंह (52) ने दक्षिण दिल्ली के दुर्गा विहार इलाके में 18 अप्रैल 2020 को कथित रूप से खुदकुशी कर ली थी। डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में प्रकाश जारवाल को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था।
विधायक प्रकाश जारवाल की तरह ही राजेंद्र सिंह भी जल बोर्ड के पानी के टैंकर चलाने का व्यवसाय करता था। पुलिस का आरोप है कि विधायक और उसके सहयोगी डॉक्टर समेत अन्य टैंकर मालिकों से जबरन वसूली करते थे।
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राउज एवेन्यू अदालत की विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने जारवाल के सहयोगी कपिल नागर के खिलाफ भी आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा इनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं।
अदालत ने इन आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, जबरन वसूली, धमकी देने और खुदकुशी के लिए विवश करने संबंधी धाराओं में आरोप तय करने का निर्देश दिया है।
हालांकि अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी हरीश कुमार को जबरन वसूली और खुदकुशी के लिए विवश करने के आरोपों से मुक्त कर दिया लेकिन धमकी देने की धारा में आरोप तय करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि इस बात के पर्याप्त साक्ष्य हैं कि प्रकाश जारवाल और कपिल नागर ने डॉक्टर समेत अन्य टैंकर मालिकों से जबरन वसूली की। इन आरोपियों ने राजेंद्र सिंह को उसे व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देकर जबरन वसूली की। इन आरोपियों ने राजेंद्र सिंह को धमकी दी कि अगर उसने दिल्ली जल बोर्ड के साथ अपने टैंकर चलाने के लिए उन्हें पैसा नहीं दिया तो वे उसे व उसके परिजनों को जान से मार देंगे।
पुलिस ने देवली से आप विधायक प्रकाश जारवाल और अन्य के खिलाफ जबरन वसूली और खुदकुशी के लिए विवश करने का मुकदमा राजेंद्र सिंह के बेटे की शिकायत पर दर्ज किया था। एफआईआर में कहा गया था कि राजेंद्र सिंह को जारवाल व अन्य आरोपियों ने धमकियां दी थीं।
पुलिस ने कहा कि जांच में सामने आया है कि टैंकर मालिकों से विधायक के भाई अनिल जारवाल के जरिये वसूली की जाती थी। इस पैसे को दिल्ली, गुरुग्राम और जयपुर की संपत्तियों और फार्म हाउसों में निवेश किया जाता था।
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान टैंकर मालिकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी मिला जिसका एडमिन कपिल नागर था। जारवाल भी इस ग्रुप का मेंबर था। तथ्यों से साफ ये दोनों आरोपी संगम विहार और तिगरी इलाके में टैंकर माफिया चलाने में लिप्त थे।
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