कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक कॉरीडोर बनाया जाएगा। इसके लिए जनखत ग्राम सभा की 61 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। शासन ने उत्तर प्रदेश लघु उद्योग विकास निगम को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है। इस भूमि पर हल्के और भारी उद्योगों की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए टाटा और अदाणी समूह को भी आमंत्रित किया जाएगा। उद्योगों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा, जिससे वह बड़े शहरों के लिए पलायन नहीं करेंगे।
ठठिया क्षेत्र की ग्राम सभा जनखत के मजरा झौआ व पहाड़ीपुर के बीच ग्राम समाज की 61 एकड़ भूमि पर औद्योगिक कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव उद्योग विभाग ने पहले ही भेज दिया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई। इससे पहले तिर्वा एसडीएम, कानूनगो व लेखपालों की टीम ने पैमाइश कर सीमांकन किया। इसके बाद उसका लेआउट तैयार किया गया। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग विकास निगम के सहायक अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह व अवर अभियंता अभिषेक कुमार की टीम ने अधिग्रहीत भूमि का सर्वे कर नक्शा तैयार किया।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त धनंजय सिंह ने बताया कि ठठिया क्षेत्र में दो औद्योगिक कॉरीडोर बनाए जाएंगे। इनमें से एक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अलीपुर अहाना ग्राम पंचायत में करीब 500 एकड़ भूमि पर यूपीडा बनाएगा। इसमें भी देश-विदेश की बड़ी और नामीगिरामी कंपनियां उद्योग स्थापित करेंगीं। दूसरा कॉरिडोर झौआ गांव में बनेगा। यहां भी देश की बड़ी कंपनियां उद्योग स्थापित करेंगीं।
साढ़े तीन किलोमीटर लंबी बनेगी चहारदीवारी
औद्योगिक कॉरिडोर के लिए साढ़े तीन किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवाल प्रस्तावित की गई है। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग विकास निगम के इंजीनियरों ने बताया कि इसके लिए इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों से आवेदन लिए जाएंगे। अगले साल मार्च तक उद्योगों की स्थापना का काम शुरू हो जाएगा।
विकसित होंगीं सड़कें, बढ़ेगी कनेक्टिविटी
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त धनंजय सिंह ने बताया कि औद्योगिक कॉरिडोर बनने से क्षेत्र की सभी सड़कों का चौड़ीकरण कराया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा जाएगा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे समेत सभी हाइवे से कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए रूटमैप तैयार किया जाएगा। उद्योग स्थापित करने वाली कंपनियों को कच्चा माल पहुंचाने में दिक्कत न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। बाद में रेल लाइन बिछाने पर भी विचार किया जा रहा है।