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Noida News: 700 का इंप्लांट, 9000 में बेच रहे दलाल

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700 का इंप्लांट, 9000 में बेचता पकड़ा गया दलाल
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- जिला अस्पताल में हड्डी रोग विभाग मंगलवार को पकड़ा गया कॉकस
- स्वास्थ्य विभाग की खामियाें का उठाया जा रहा फायदा
- मरीज की जगह दलाल को बताया जा रहा कौनसा इंप्लांट लगेगा, बंद कमरे में लिया जाता भुगतान
- मरीजों की शिकायत पर सीएमएस ने पकड़वाया दलाल, जांच शुरू

फोटो - सीएमएस के कमरे में मौजूद दलाल और शिकायत लेकर पहुंचे लोग।

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला संयुक्त अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में मरीजों को इंप्लांट लगाने के नाम पर दलाल और डॉक्टरों की साठगांठ से लूट मच रही है। मरीजों की शिकायत के बाद खुद सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने पकड़ा। जांच हुई तो पता चला कि डॉक्टरों के कहने पर बिना अनुमति के बाहरी आदमी सीधे मरीजों से पैसा लेकर मनमाने दामों पर इंप्लांट बेच रहा था। दलाल यह भी गारंटी देता था कि अगर उससे इंप्लांट खरीदेंगे तो ही उनका ऑपरेशन हो पाएगा। ऐसा नहीं करने पर उनका ऑपरेशन भी 15-20 दिन के बाद ही हो सकेगा। जो इंप्लांट 700 से 1200 रुपये में उपलब्ध है, उसके लिए 9000 से लेकर 15000 रुपये तक मरीजों को डराकर दलाल वसूल रहा था।
मंगलवार को हाथ में फ्रेक्चर के बाद एक मरीज ज्योति का ऑपरेशन तय हुआ। आरोपी दलाल अजय सिंह ने मरीज के परिजनों से कहा कि 10 हजार रुपये ऑपरेशन के लिए देने होंगे। इसका कारण पूछने पर दलाल ने उनका ऑपरेशन जल्दी कराने में मदद का लालच दिया। ऐसा नहीं करने पर ऑपरेशन नहीं होने देने की बात कही। मरीज के पक्ष में लघु उद्योग भारती के सदस्य जितेंद्र अग्रवाल भी अस्पताल पहुंच गए। मरीज ने इसकी लिखित शिकायत सीएमएस से कर दी। मरीज के परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत के बाद सीएमएस ने स्टाफ और गार्ड भेजकर दलाल को पकड़वा लिया। बिना अनुमति मरीजों को अवैध रूप से इंप्लांट बेचने पर सीएमएस ने पुलिस भी बुलवा ली।
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पूछताछ में दलाल ने खुद कबूला कि उसे डॉक्टरों की तरफ से बताया जाता है कि कौनसे मरीज के लिए क्या इंप्लांट चाहिए? इसके बाद वह सीधे मरीज से पैसों के लिए बात करता है। एक मरीज ने बताया कि उसे तब गलत लगा जब उसने मरीज को ऑपरेशन थिएटर के बाहर पैसे देने चाहे। वह उसको कमरे में पैसे लेने के लिए ले गया जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं थे। इंप्लांट का क्या सामान आया? यह मरीज को नहीं बताया गया।
इनसेट
सीएमएस ने जब्त कराया सामान
दलाल ने अपने इंप्लांट का सामान भी ऑपरेशन थिएटर में लाकर रख लिया था। अस्पताल परिसर में इंप्लांट बेचने और मरीजों से सीधे डील करने की कोई अनुमति तक अस्पताल प्रशासन से नहीं ली गई थी। इसके बाद सीएमएस ने अस्पताल में लाकर रखा हुआ सामान भी जब्त करा दिया।
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खामियों का उठा रहे फायदा
सीएमएस ने पूरे मामले में जानकारी के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश सिंह को भी बुलवा लिया। उन्होंने बताया कि इंप्लांट की आपूर्ति सरकार नहीं करती है। ऐसे में खुद मरीजों को ऑपरेशन से पहले इंप्लांट खरीदने होते हैं। मरीजों को इंप्लांट खरीदने में असुविधा होती है। ऐसे में दलाल सक्रिय हो गए हैं। ये दलाल सीधे अस्पताल में इंप्लांट पहुंचा देते हैं। पैसा लेकर ऑपरेशन में प्राथमिकता दिए जाने के आरोप को पूरी तरह गलत बताया है।



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आयुष्मान योजना में भी नहीं मिल रहा लाभ
मरीजों के ऑपरेशन का खर्च आयुष्मान योजना में शामिल है। वहीं दलाल उनको बरगलाता है कि उनको आयुष्मान योजना में लाभ नहीं मिल पाएगा। आरटीओ कार्यालय के एक कर्मचारी के रिश्तेदार खुद इसकी शिकायत करने पहुंच गए। आयुष्मान कार्ड से भुगतान की जगह मरीजों से कैश मांगा जा रहा था।
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वर्जन
दलाल के अस्पताल में आने पर रोक
इंप्लांट बेच रहे दलाल अजय सिंह के अस्पताल में आने पर रोक लगा दी गई है। इसकी सूचना पुलिस को भी भेज दी है। मरीजों का शोषण नहीं हो। इसके लिए व्यवस्था को भी ठीक किया जाएगा। जो भी खामी व्यवस्था में है। उसको ठीक कराया जाएगा। अगर कोई भी व्यक्ति कैश में पैसे की मांग कर रहा है। उसको सीधे आकर मुझे को बताना चाहिए। मरीज को इलाज में सुविधा के अलावा उस व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रेनू अग्रवाल, सीएमएस, जिला संयुक्त अस्पताल
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