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Noida News: क्रू शिप में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर का खुलासा

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सेक्टर-132 में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, सरगना समेत चार गिरफ्तार
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माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। क्रू शिप (जहाज में चालक दल) में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है। सेक्टर-132 में बुधवार को हुई इस कार्रवाई में साइबर क्राइम और कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस ने जालौन निवासी राहुल, अलीगढ़ निवासी प्रशांत, गौतमबुद्धनगर निवासी विशाल शर्मा और कानपुर नगर निवासी सैफ वारिस को गिरफ्तार किया। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

नोएडा जोन के एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस व साइबर टीम ने संयुक्त रूप से सेक्टर-132 में छापा मारा और सी हायर मरीन सर्विसेज कंपनी नाम से चल रहे अवैध कॉल सेंटर का खुलासा किया। राहुल गिरोह का सरगना है।
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ऐसे फंसाते थे जाल
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुके हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी इंटरनेट और कॉलिंग के जरिये नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाते थे। इसके आलवा सोशल मीडिया व डार्क वेब से बेरोजगार युवकों का डाटा लेते थे। इसके बाद उन्हें फोन करके विदेश में क्रू शिप में नौकरी दिलाने का लालच दिया जाता था। आकर्षक वेतन और विदेश में काम करने का सपना दिखाकर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर एक लाख से लेकर एक लाख बीस हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी या तो फोन उठाना बंद कर देते थे या फिर नए सिरे से रकम की मांग करते थे।

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एक करोड़ से अधिक की ठगी

पुलिस की जांच में आरोपियों के खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक की लेनदेन का पता चला है। आशंका है कि इन्होंने 100 से अधिक लोगों से ठगी की है। इन आरोपियों के खिलाफ केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन खातों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा की 26 शीट, 21 रजिस्टर, चार मोहर, चार फर्जी जॉइनिंग लेटर और कई बैंक दस्तावेज मिले हैं। पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क का पता लगा रही है। पुलिस उन सोर्स के बारे में पता लगा रही है जहां से ये लोग डाटा लेते थे।
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महीने का 50 हजार था किराया

पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों का संगठित गिरोह है। इन्होंने 50 हजार रुपये प्रति माह किराये पर बिल्डिंग का हिस्सा लिया था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में आईटी एक्ट व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हैं।



इन बातों का रखें ख्याल

- नौकरी के नाम पर आने वाले किसी भी फोन कॉल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें।

- खासकर अगर कोई कंपनी नौकरी दिलाने के नाम पर पहले पैसे मांगती है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें।

- नौकरी के लिए हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय जॉब पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।

- किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।

- किसी व्यक्ति को इस तरह की संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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