नूंह। जिले में सरकार और प्रशासन द्वारा डीएपी की आपूर्ति कराने के भले ही दावे किए जा रहे हैं, लेकिन असलियत में किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार डीएपी नहीं मिल रही है। नूंह अनाज मंडी में सोमवार को गोपाल फर्टिलाइजर पर खाद के 35 कट्टे के लिए सैकड़ों किसान एकत्र हो गए। इस दौरान किसानों में धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. अजीत सिंह और डॉ. अजय तोमर मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को शांत कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन अपनी बारी के इंतजार में किसान दुकान पर अड़े रहे। काफी समय तक किसानों के धूप में खड़े रहने के बाद डॉ अजीत सिंह ने नूंह सिटी थाना पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस ने आकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद भी किसानों को खाद नहीं बांटा जा सका। इस कारण काफी किसानों को मायूस होकर अपने घरों को लौटना पड़ा।
जिले के 80 फीसदी लोग आज भी खेती पर निर्भर है। रबी की सरसों और गेहूं की फसल जिले की मुख्य फसल है। बीते दिनों से किसान इन फसलों की बिजाई की तैयारियों में जुटें हैं। लेकिन, सरकार द्वारा अब तक जिले में पर्याप्त मात्रा में डीएपी मुहैया नहीं कराई गई है। जिले में 11 हजार मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत है, लेकिन अब तक एक हजार मीट्रिक टन ही मुहैया हो पाई है। सरसों की बिजाई का सही समय 1 अक्तूूबर से 30 अक्तूबर तक है। ऐसे में कुछ किसानों ने सरसों की बिजाई शुरू कर दी है, लेकिन उन्हें डीएपी मिल नहीं पा रही है। इस कारण खाद की दुकानों पर किसानों की लंबी कतारें सोमवार को देखी गईं, लेकिन 35 कट्टे होने के कारण उनको निराश होकर लौटना पड़ा। हालांकि, जिले में शनिवार को 200 मीट्रिक टन डीएपी यानी 4 हजार कट्टे पहुंचे भी हैं, लेकिन इतने जिले के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इनमें से नूंह में 300 कट्टे और पुन्हाना, तावडू, फिरोजपुर झिरका, पिनगवां, नगीना व इंडरी खंडों में भी औसतन 200 से 300 कट्टे पहुंचाए गए। लेकिन, इनसे किसानों की आपूर्ति नहीं हो पाई। किसानों में सरकार के प्रति भारी रोष है।
हफी घासेडा, सलमान, रूद्दार, वकील, आसू, जान मोहम्मद आदि किसानों ने बताया कि नूंह में डीएपी बंटने की खबर मिलने पर वह यहां पहुंचे। लेकिन, काफी भीड़ होने के कारण उनको बिना खाद के ही लौटना पड़ा।
सिंगल सुपर फास्फेट का करें इस्तेमाल
कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. अजीत सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा किसानों की इस समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। किसान डीएपी की जगह सिंगल सुपर फास्फेट भी सरसों की बिजाई में इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भी उनकी पैदावार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इस बात को किसानों को समझना चाहिए। यह किसानों को वैसे भी काफी सस्ता पड़ेगा।
दो से तीन दिन में हो जाएगी उपलब्ध
उपायुक्त शक्ति सिंह ने कहा कि आगामी दो से तीन दिनों में पर्याप्त मात्रा में खाद किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी। 1200 से एक भी रुपये अधिक बेचने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसानों को दिन में खाद आसानी से मुहैया करवाई जाएगी। डीलरों को बिल की पर्ची देना अनिवार्य है। अगर कोई रात में खाद की कालाबाजारी करता है तो ऐसे लोगों पर प्रशासन द्वारा नकेल कसी जाएगी।
विधायक ने की खाद की किल्लत दूर कराने की मांग
नूंह। जिले में हो रही डीएपी की किल्लत के संबंध में सोमवार को नूंह विधायक आफताब अहमद ने उपायुक्त शक्ति सिंह से मुलाकात की। उन्होंने जिले के किसानों को खाद की किल्लत को जल्द दूर कराने की मांग की। विधायक आफताब अहमद ने उपायुक्त को बताया कि किसानों को बिना खाद के भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरसों बिजाई का समय सर पर है और किसान बिना खाद बीज के परेशान है। विधायक ने बाजरा खरीद नहीं होने की भी शिकायत डीसी से की है। उन्होंने कहा कि दावा अखबारों में बाजरा खरीद का होता है, लेकिन खरीद हो नहीं रही है। उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया है कि खाद आपूर्ति को जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
एसडीएम और पुलिस की निगरानी में बंटी खाद
फिरोजपुर झिरका। शहर के महावीर मार्ग स्थित कृष्णा बीज भंडार में डीएपी के 380 कट्टे बेचने के लिए जैसे ही दुकान खोली तो मार्ग पर करीब 2000 किसानों की लाइन लग गई। इसको देखते हुए मौके पर पुलिस बल बुलाया गया। एसडीएम और पुलिस बल की निगरानी में खाद बांटी गई। शहर के मुख्य बाजार में अधिक भीड़ होने के कारण खाद का वितरण शहर की अनाज मंडी में किया गया। एसडीएम रणबीर सिंह और तहसीलदार अशोक कुमार ने समझाया कि पर्याप्त मात्रा में सभी किसानों को खाद मिलेगी। इसको लेकर लगातार प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। जल्द ही गांव में सहकारी समितियों में बांटी जाने वाली लगभग 32 हजार कट्टे उपलब्ध कराए जाएंगे।