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हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को चुनाव आयुक्त नियुक्त करने पर मांगा जवाब

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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को नगर निगम चुनाव का चुनाव आयुक्त नियुक्त करने के मुद्दे पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। भाजपा के पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग ने दिल्ली सरकार की 25 नवंबर की अधिसूचना को चुनौती देते हुए इसे वापस लेने का निर्देश देने का आग्रह किया है। दिल्ली में अगले साल निगम चुनाव होने हैं।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार, तीनों नगर निगमों को याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याची ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने अधिसूचना जारी कर कार्यरत मुख्य सचिव को 21 अप्रैल 22 से निगम चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। ये नियुक्ति पूरी तरह अवैध है।
पेश याचिका अधिवक्ता शशांक देव सुधि के जरिये दायर कर दावा किया गया है कि ये नियुक्ति कानून के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए की गई है। याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयुक्त का पद किसी तटस्थ व्यक्ति को दिया जाना चाहिए। ये पद किसी ऐसे शख्स को नहीं दिया जाना चाहिए जो किसी सरकार विशेष के तमाम राजनीतिक या प्रशासनिक निर्णयों में शामिल रहा हो क्योंकि ऐसा होने पर ये व्यक्ति निगम चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करने में सक्षम होगा।
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याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव का कार्यकाल आठ मार्च 2023 तक बचा हुआ है। दिल्ली सरकार ने गलत इरादे से ये कार्य किया है क्योंकि मुख्य सचिव सरकार के निर्णय में प्रत्येक स्तर पर शामिल होते हैं। वहीं सरकार ने मुख्य सचिव का कार्यकाल पांच साल बढ़ाने का भी फैसला लिया है।
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