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केंद्रीय कानून मंत्री से की हाईकोर्ट बेंच की मांग, मिला आश्वासन

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ग्रेटर नोएडा। तीनों कृषि कानून वापस होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वकीलों और वादकारियों को 35 साल पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। वकील लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू से मिला और बेंच स्थापना की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने वकीलों को सकारात्मक आश्वासन दिया है। गौतमबुद्घ नगर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी ने बताया कि 27 जिलों के बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और प्रतिनिधिमंडलों ने बैठक कर एयरपोर्ट के शिलान्यास के दौरान प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने का निर्णय लिया था, लेकिन केंद्रीय कानून मंत्री से वार्ता का भरोसा मिलने पर उन्होंने निर्णय रद्द कर दिया था।
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शनिवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कानून मंत्री से दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। वकीलों ने उन्हें बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग लगभग 35 साल पुरानी है। यहां से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लंबी दूरी के कारण वादकारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जनसंख्या के आधार पर तुलना कर अन्य हाईकोर्ट बेंच की भी जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की समस्या को लेकर सरकार का रुख सकारात्मक है। जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर सिंह त्यागी, समिति के संयोजक सचिन चौधरी, मेरठ बार के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, मुरादाबाद के अध्यक्ष आदेश श्रीवास्तव, गौतमबुद्घ नगर के अध्यक्ष मनोज भाटी शामिल रहे।
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