नूंह। मांडीखेड़ा स्थित जिला नागरिक अस्पताल में प्रस्तावित ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य अभी अधर में है। एक करोड़ की लागत से एक हजार एलपीएम उत्पादन क्षमता का आक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य बीते 10 जून को पूरा होना था। इसके निर्माण की नींव रखने के बाद प्रशासन इसे बनाना भूल गया।
देश प्रदेश में कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए आक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य तीव्रता से किया जा रहा है। वहीं जिले में सरकार की लापरवाही के चलते इसका निर्माण कार्य अधर में है जो कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
बता दें कि जिले में प्रधानमंत्री केयर फंड से एक करोड़ की लागत से डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट आर्गेनाइजेशन द्वारा एक हजार लीटर प्रति मिनट उत्पादन की क्षमता का आक्सीजन प्लांट लगाना था। इसके लिए नींव भी तैयार कर दी गई। 7 मई को प्लांट का निर्माण कार्य शुरू किया गया। 10 जून तक इसके निर्माण का कार्य पूरा किया जाना था। इसके निर्माण से लोगों में आशा की किरण जागी थी। लोगों को उस समय मायूसी हाथ लगी जब 15 मई को किसी कारणवश इसका निर्माण का कार्य बंद कर दिया। जिले के लोग आक्सीजन प्लांट को लगाने बार-बार जिला प्रशासन से मांग कर रहे है। वहीं दूसरी ओर कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर के कारण भी लोगों में अभी भी चिंता व्याप्त है।
क्या कहते हैं लोग
रजत जैन नगीना, अख्तर चंदेनी, विष्णु समाजसेवी, माजिद मास्टर व साबिर ने कहा कि प्रशासन को जिला नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण कार्य जल्द पूरा कराना चाहिए। इससे भविष्य में जिला अस्पताल में मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी ना रहे। पूर्व में ऑक्सीजन की किल्लत को जिले के लोग देख चुके हैं। इस लिहाज से इसके निर्माण कार्य को जिला प्रशासन जल्द से जल्द पूरा कराएं।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
उपायुक्त शक्ति सिंह ने बताया कि पीएम केयर फंड से डीआरडीओ द्वारा जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में बनाए जाने वाले आक्सीजन प्लांट के कार्य को जल्द शुरू कराया जाएगा। इसे लेकर डीआरडीओ के अधिकारियों से बात की गई है। जिला प्रशासन इस कार्य को लेकर गंभीर है।
फोटो ऱ् जिला अस्पताल मांड़ीखेड़ा में डीआरडीओ द्वारा लगाए जाने वाले ऑक्सीजन प्लंाट के लिए मई में बनाया गया प्लेटफार्म।
ऱ् शक्ति सिंह उपायुक्त।