नूंह। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जिले के 185 गांवों में 3.50 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महावीर प्रसाद की अगुवाई में 185 टीमें जिले में बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि फील्ड की टीमें घर-घर पर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। इस दौरान यदि किसी में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उनको हेड क्वार्टर टीम के पास भेजा जाएगा। फील्ड की टीम में एक आशा वर्कर, एख आंगनबाड़ी वर्कर, एक पंच या सरपंच और एक बीएलओ तैनाती की गई है, जिससे प्रत्येक घर को चिन्हित कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा नूंह जिले में सबसे अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है। जिले के लोगों, स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मेहनत का ही परिणाम है, जोकि नूंह में कोरोना संक्रमण की दर कम हो सकी है। उन्होंने कहा कि उलेमाओं से बात कर सभी लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सभी लोग कोरोना की गाइडलाइन का भी पालन कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि खांसी या बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी, कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहें हैं। ग्राम स्तर पर टीमें प्रत्येक घरों में जाकर सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। इस दौरान यदि किसी में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उसको हेड क्वार्टर टीम के पास भेज दिया जाता है। इस टीम में एक एमपीएचडब्ल्यूु, एक एएनएम और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल है। इनका कार्य ग्राम स्तर की टीम द्वारा भेजे गए लोगों की कोरोना जांच करना है।