फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेवानिवृत्त आईजी से हेड कांस्टेबल ने की 19.55 लाख की धोखाधड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त (वीआरएस) ले चुके हेड कांस्टेबल ने 19.55 लाख की धोखाधड़ी की। जिला न्यायालय ने इस मामले में आरोपी आईटीबीपी के पूर्व कांस्टेबल गाजियाबाद निवासी देवेंद्र बंसल के खिलाफ धोखाधड़ी आदि की धारा में बीटा-2 थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। पीके धमसाना आईटीबीपी में आईजी थे। आरोप है कि हेड कांस्टेबल ने पुलिसकर्मियों के लिए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सेक्टर-17 में हिमवीर रेजीडेंसी प्रोजक्ट में कॉमर्शियल और रिहायशी प्लॉट दिलाने के नाम आईजी से 19.55 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। लगभग छह वर्ष बाद भी आरोपी न तो प्लॉट दिलाया और न ही रुपये वापस किए। इसके इस मामले में जिला न्यायालय में याचिका दी गई।
विज्ञापन

अधिवक्ता अमित भाटी ने बताया कि सेक्टर पाई-1 निवासी सेवानिवृत आईजी पीके धसमाना ने कोर्ट में दी गई शिकायत में कहा है कि आईटीबीपी से वे वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हो गए थे। गाजियाबाद के बादशाहपुर सिरौली निवासी देवेंद्र बंसल भी आईटबीपी में हेड कांस्टेबल था। उसने वीरआएस ले लिया था। देवेंद्र बंसल ने पीके धसमाना से मिलकर बताया कि पुलिसकर्मियों के लिए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में हिमवीर रेजीडेंसी के नाम से प्रोजक्ट बन रहा है।
31 अगस्त 2015 को आरोपी ने साइट दिखाई। पीके धमसाना ने 100 वर्गमीटर का कॉमर्शियल और 200 वर्गमीटर का प्लॉट बुक करा दिया। इसकी एवज में वर्ष 2016 में अलग-अलग मद में लगभग 31.55 लाख रुपये लिए। बाद में पुलिस से शिकायत करने पर आरोपी ने 12 लाख रुपये लौटाये लेकिन 19 लाख 55 हजार रुपये अब तक नहीं लौटाए। आरोप है कि आरोपी ने 3 मार्च को रुपये मांगने पर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस से शिकायत करने पर मामले में केस नहीं दर्ज किया गया। अब जिला न्यायालय ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें