संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनमें दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु-द्वितीय योजना भी शामिल है। इस योजना का उद्देश्य आकस्मिक घटनाओं में पीड़ित गरीब परिवारों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
उपायुक्त ने बताया कि दयालु-द्वितीय योजना के अंतर्गत हरियाणा के मूल निवासी परिवारों को लावारिस/आवारा अथवा जंगली पशुओं—जैसे गाय, बैल, कुत्ते, नीलगाय, भैंस आदि के काटने, चोट पहुंचाने से हुई आकस्मिक मृत्यु, घायल होने या दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में पंजीकृत सभी परिवारों को कवर करती है। उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं के कारण हुई दुर्घटना से संबंधित दावों पर देय मुआवज़े का निर्धारण जिला स्तरीय कमेटी द्वारा किया जाएगा। गरीब व जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा देना इसका मुख्य उद्देश्य है। उपायुक्त ने बताया कि यह योजना वार्षिक एक लाख 80 हजार रुपये से कम आय वाले परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।