रिकॉर्ड हो जाएगी लोको पायलट की बातचीत, 382 इंजन में सिस्टम लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे की सभी ट्रेनों के इंजन (लोको) में दिवाली के बाद वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगाए जाएंगे। यह सिस्टम हवाई जहाज में लगे ब्लैक बॉक्स की तरह काम करेगा और लोको पायलट की बातचीत और इंजन में किसी भी तरह की आवाज को रिकॉर्ड कर लेगा। रेल प्रशासन ने इस वर्ष 382 इंजनों में यह सिस्टम लगाने के लिए टेंडर निकाला है।
रेलवे प्रशासन ने कुल 394 इंजन में वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगाने की योजना तैयार की है। ट्रायल के तौर पर 12 इंजन में इसे लगाया गया है। इस वर्ष एनईआर के तीनों मंडलों लखनऊ में 224, इज्जतनगर में 104 और वाराणसी में 54 वायस रिकॉर्डर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
ट्रेन चलाते समय लोको पायलट या सहायक लोको पायलट मोबाइल पर बातचीत नहीं कर सकते हैं। उन्हें सिर्फ वॉकी-टॉकी से गार्ड और स्टेशन मास्टर से बातचीत करनी होती है। कई बार सिग्नल ओवरशूट करने के मामले में पाया गया कि लोको पायलट और गार्ड या स्टेशन मास्टर से सही संवाद नहीं हो पाया। इसे देखते हुए अब वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे ट्रेन हादसों की सटीक जानकारी और ट्रेनों के संचालन में मदद मिलेगी।
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ट्रेनों के लोको में वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे दुर्घटनाओं की जांच के समय विश्लेषण करने और ट्रेनों के बेहतर संचलन में मदद मिलेगी।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर