नारियल, चुनरी के साथ बिकने लगी पूजन सामग्री
व्रत में खाने पीने की सामग्री भी बाजार में मौजूद
गोरखपुर। शारदीय नवरात्र को लेकर बाजार गुलजार हो गए हैं। एक सप्ताह बाद 22 सितंबर को नवरात्र का शुभारंभ होगा। बाजारों में चुनरी, नारियल के साथ पूजन सामग्री व व्रत में खाने के फलाहारी सामग्री भी मौजूद हैं। हालांकि इस समय खरीदारी सामान्य चल रही है। कुछ दिनों बाद यह और रफ्तार पकड़ेगी। व्यापारियों के अनुसार, पूरे नवरात्र में इन सामग्रियों का लगभग 15 करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है।
बाजारों में इस समय चुनरी की भरमार है। महानगर के पांडेयहाता में थोक व्यापारी लगभग एक महीने से थोक में चुनरी बेच रहे हैं, जिसे दूर-दराज के फुटकर दुकानदार खरीद कर ले जा रहे हैं। पांडेयहाता के थोक व्यापारी प्रवेश गुप्ता ने बताया कि पुराना माल ज्यादा नहीं बचा था, जिससे नया माल मंगाना पड़ा है। कोलकाता व अन्य जगहों से आकर्षक जरी वाली चुनरी मंगाई गई हैं। जिले में लगभग तीन करोड़ का कारोबार चुनरी से होने की उम्मीद है। पांडेयहाता के व्यापारी कृष्णा कुमार का कहना था कि इस समय चुनरी, माला आदि थोक में ज्यादा बिक रहे हैं। चुनरी लगभग 27 रुपये दर्जन से शुरू है। यह चुनरी रूमाल से भी छोटे साइज की है। इसके साथ ही 30, 35, 50, 80 से लेकर तीन सौ रुपये तक की बड़ी चुनरी दर्जन के हिसाब से थोक में बेची जा रही हैं।
होगी 500 टन से ज्यादा नारियल की खपत
नवरात्र में चढ़ाए जाने वाले नारियल की खपत लगभग 500 टन से ज्यादा हो सकती है। महेवा मंडी में नारियल ट्रकों में बोरे में भरकर किलो के हिसाब से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु से महेवा मंडी में आ रहा है। प्रतिदिन लगभग 50 टन नारियल मंडी में पहुंचेगा। पूर्वांचल सब्जी फल थोक विक्रेता कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय शुक्ल ने बताया कि व्यापारियों की ओर से ज्यादा माल का आर्डर दिया जा चुका है। माल आने लगे हैं। नारियल से जिले में लगभग तीन करोड़ के आसपास का करोबार हो सकता है।
पूजन व व्रत के फलाहारी सामग्री भी खरीद रहे लोग
बाजार में पूजन सामग्री भी लोग बड़े श्रद्धा के साथ खरीद रहे हैं। बाजार में पूजन के लिए धूप, घी, हवन सामग्री के साथ छोटे-छोटे पैकेट में सभी पूजन सामग्रियां मिल रही हैं। गोरखपुर किराना कमेटी के महामंत्री गोपाल जायसवाल ने बताया कि दुकानों पर लोग पूजन सामग्री की लिस्ट लेकर पहुंच रहे हैं। ज्यादातर लोग छोटे-छोटे पैकेट में पूजन सामग्री ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घी, कलावा, कपूर, गरी, हवन सामग्री, पंचमेवा आदि पूजन के लिए खरीद रहे हैं। पूजन किट की मांग सबसे ज्यादा है जो 50 से लेकर 150 रुपये पीस तक है। साथ ही व्रत का सामान मखाना 1300 रुपये किलो, रामदाना 70, फाफड़ आटा 140, सिंघाड़ा आटा 180, किसमिस 380, बादाम 760 से 1000 रुपये किलो, छोहाड़ा 100 से 200 रुपये किलो व काजू थोक में लगभग 800 से 1200 रुपये किलो बिक रहा है।
व्यापारी कम मंगा रहे माल, 22 सितंबर के बाद ज्यादा होगी आवक
सरकार की ओर से जीएसटी की नई दरें लागू होने पर व्यापारियों को ज्यादा चिंता नहीं है। लोग अपने फायदे के लिए कम खरीदारी कर रहे हैं। महेवा मंडी के व्यापारी पवन सिंहानिया ने बताया कि कुछ सामानों पर पहले की तरह ही टैक्स देना पड़ेगा, जिससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि व्यापारी माल उतना ही मंगा रहे हैं जितना तत्काल बिक जाए। 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू होने के बाद व्यापारी ज्यादा माल मंगाएंगे। उनका कहना था कि 22 के बाद बचे हुए माल भी नए दाम पर बेचे जाएंगे। इसमें सरकार की ओर से जीएसटी में राहत दी जाएगी, जिससे ज्यादा नुकासान नहीं होगा।
कोट
त्योहारों से पहले जरूरत के सामान खरीदना लोगों की मजबूरी भी है। व्यापारी भी मांग के हिसाब से ही माल मंगा कर बेच रहे हैं। 22 के बाद ज्यादा माल मंगाया जाएगा। नवरात्र में लगभग 15 करोड़ से ज्यादा का कुल काराेबार हो सकता है।
- गोपाल जायसवाल, महामंत्री, गोरखपुर किराना कमेटी
कोट
जीएसटी को लेकर अब कोई संशय नहीं है। व्यापारी इस समय ज्यादा माल नहीं मंगवा पा रहे हैं। हालांकि 22 सितंबर के बाद नए रेट से माल बेचने पर भी व्यापारियों को सरकार की ओर से राहत मिलेगी जिससे इनका नुकसान नहीं होगा।
- नितिन जायसवाल, अध्यक्ष, समस्त व्यापार मंडल