नोएडा। देशभर में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जनपद में भी इसेे लेकर पुख्ता तैयारियों के दावे किए जा रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने 31 अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में 4582 बेड चिह्नित किए गए हैं।
इसके अलावा कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बिगड़े हालात से शासन सबक ले रहा है। संभावित तीसरी लहर के दौरान सांसों के संकट से बचाने के लिए जिले में पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। 10 हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) से ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में जिले को सक्षम बताया जा रहा है, जो अस्पतालों बेड की क्षमता से अधिक है। इसमें जिले के चार सरकारी अस्पतालों के अलावा दो स्वास्थ्य केंद्रों पर 6800 एलपीएम ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था की जा चुकी है।
बड़े अस्पतालों पर विभाग का फोकस
ओमिक्रॉन की देश में दस्तक के बाद संक्रमण दायरा बढ़ा तो बड़े अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर ही निर्भरता बढ़ेगी, इसलिए स्वास्थ्य विभाग का फोकस इन अस्पतालों को सुविधाओं से लैस करने पर है। अस्पतालों में वेंटिलेटर के अलावा सीएचसी स्तर पर भी मशीनों की व्यवस्था की गई है। सरकारी अस्पतालों में 686 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तैयार रखे गए हैं।
लंबी हो रही फेहरिस्त, सुस्त पड़ रही जांच
विदेशों से आ रहे नागरिकों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है, लेकिन कोरोना जांच की प्रक्रिया सुस्त पड़ती जा रही है। बुधवार को विदेशों से आए लोगों की संख्या 2696 तक पहुंच गई। इनमें 684 लोग हाई रिस्क देशों से आए हैं, जहां ओमिक्रॉन पांव पसार चुका है। इन लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है, लेकिन गलत पते व मोबाइल नंबर भी इन लोगों तक पहुंचने में बाधा बन रहे हैं। 500 से अधिक लोग विभाग की पहुंच से बाहर हैं। हालांकि, एयरपोर्ट पर जांच के बाद सात दिन में दोबारा आरटी-पीसीआर जांच का प्रावधान हैं, लेकिन अब तक 60 से 70 लोगों की ही जांच हो पाई है। अधिकारियों का दावा है कि अब तक किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है।
बस अड्डे के बार रैंडम जांच शुरू
स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों की निगरानी भी बढ़ा दी है। सेक्टर-35 मोरना बस अड्डे के बार तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यात्रियों की रैंडम जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यदि किसी यात्री की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसकी आरटी-पीसीआर जांच कराई जाएगी। इस बीच यात्री को आइसोलेशन में भेजा जाएगा। हालांकि, बुधवार को किसी यात्री की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई।
जिम्स में रोज एक हजार जांच
जिम्स में कोरोना की जांच के लिए रोज करीब एक हजार सैंपल आ रहे हैं। एक सप्ताह के जांच रिपोर्ट में दो लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें एक स्वास्थ्य कर्मी शामिल है, जबकि दूसरा सामान्य मरीज था। दोनों ने टीके की दोनों डोज ले रखी थी, इस वजह से संक्रमण का मामूली असर देखने को मिला है।
कहां कितनी ऑक्सीजन का इंतजाम
अस्पताल बेड की संख्या ऑक्सीजन क्षमता
कोविड अस्पताल सेक्टर-39 240 2500
चाइल्ड पीजीआई सेक्टर-30 160 1250
ईएसआईसी सेक्टर-24 100 1000
जिम्स ग्रेटर नोएडा 200 1650
बिसरख सीएचसी 50 150
दादरी सीएचसी 50 250
(नोट: ऑक्सीजन क्षमता के आंकड़े लीटर प्रति मिनट के हिसाब से हैं।)