-शोभायात्रा में जमकर झूमते नाचते और गाते हुए पहुंचे भक्त
-अगले वर्ष जल्दी आने की कामना के साथ भक्ति भाव से किया विदा
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। गणेशोत्सव का सातवां दिन मंगलवार को पूरी तरह भावुकता और उत्साह से भरपूर रहा। सुबह से ही सोसाइटियों और मंदिरों में गणपति बप्पा की आरती के साथ अंतिम पूजन हुआ। दिनभर घर-घर और सोसाइटी परिसर में बप्पा को विदाई देने की तैयारियां होती रहीं। जैसे ही शाम ढलने लगी, शहर की सड़कों पर शोभायत्राओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ढ़ोल-ताशों की धाप, भक्तों का नृत्य और गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे।
इसी तरह सेक्टर 53 स्थित कंचनजंगा अपार्टमेंट में भी सुबह से ही पूजा पाठ और आरती का दौर चलता रहा। सुबह गणपति की प्रतिमाओं के सामने भक्तों ने विशेष हवन और सहस्त्रनाम पाठ किया। दोपहर तक प्रतिमाओं को विदा करने की तैयारियां शुरू हो गईं। श्रद्धालु अपने घरों और पंडालों में विराजमान बप्पा को फूलों और रंगों से सजाते हुए अंतिम बार आरती उतारते नजर आए। भक्तों की आंखें नम थीं, लेकिन अगले वर्ष फिर आने की उम्मीद दिख रही थी। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा की और फिर श्रद्धा व भाव के साथ गणपति बप्पा का विसर्जन किया।
गणेश चतुर्थी के सातवें दिन श्रद्धालुओं ने भजन संध्या का आयोजन किया। सेक्टर 21ए में बनाए गए कृत्रिम तालाब में गणपति की प्रतिमा का विसर्जन करने पहुंची स्वाति ने बताया, वह सेक्टर 12 में पिछले तीन सालों से गणपति की स्थापना कर पूजन अर्चन करती आ रही हैं। उन्होंने बताया यह विसर्जन का समय सिर्फ मूर्ति विसर्जन का ही नहीं बल्कि हर्षोल्लास और काफी हद तक भावुक कर देने वाला भी है। इसी तरह सेक्टर 62 में बनाए गए कृत्रिम तालाब समेत यमुना नदी तक कालिंदी कुंज समेत अन्य तटों पर भी श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान गणेश को अलविदा कहा। सुमन ने बताया, पूरे सप्ताह भक्ति, संगीत और संस्कृति का जो रंग शहर में देखने को मिलता है वह अद्भुत रहता है।