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निवेश का झांसा देकर इंजीनियर से 32 लाख की क्रिप्टो करेंसी की ठगी

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नोएडा। निवेश का झांसा देकर नोएडा के एक इंजीनियर के साथ 32 लाख रुपये कीमत की क्रिप्टोकरेंसी की ठगी होने का मामला सामने आने के बाद कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इंजीनियर टेलीग्राम पर कुछ साइबर जालसाजों के ग्रुप के संपर्क में आ गए थे।
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सेक्टर-20 स्थित एक सोसाइटी में रहने वाले तन्मय श्रीवास्तव नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और ऑनलाइन निवेश का काम भी करते हैं। पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने कई वेबसाइट पर निवेश कर 32 लाख रुपये कीमत की क्रिप्टोकरेंसी को वॉलेट में इकट्ठा किया था। इसी बीच टेलीग्राम पर कई ऐसे ग्रुप के संपर्क में आए, जो कथित रूप से क्रिप्टो का काम करते थे। इन ग्रुप्स में शामिल लोगों ने देश की बड़ी कंपनियों में सीधे क्रिप्टो निवेश करने की बात कही और बताया कि इसमें सबसे अधिक मुनाफा मिलेगा। उनके झांसे में आकर सारी क्रिप्टोकरेंसी एक कंपनी में निवेश कर दी। आरोप है कि निवेश करने के कुछ दिनों तक उनकी क्रिप्टोकरेंसी में खूब बढ़ोतरी और मुनाफा हुआ, लेकिन जब मुनाफे की रकम को निकालना शुरू किया तब अचानक उनके सभी अकाउंट ब्लॉक हो गए। उन्होंने विशेषज्ञों से इसकी जानकारी ली तो टेलीग्राम के सभी ग्रुप गलत निकले। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि इस मामले को जांच के लिए आईटी सेल के पास भेज दिया गया है।
फाइटर पायलट की पत्नी से फ्लैट दिलाने के नाम धोखाधड़ी
नोएडा। वायु सेना के फाइटर पायलट की पत्नी को किराए पर फ्लैट दिलाने के नाम धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एक प्रॉपर्टी डीलर पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर ने पीड़िता से घर दिलाने के नाम पर 15 हजार रुपये एडवांस ले लिए और बाद में उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने बताया कि हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में रहने वाली नीति तोमर सूद के पति वायु सेना में फाइटर पायलट हैं। उन्होंने शिकायत दी कि उन्हें नोएडा में किराए का घर लेने की जरूरत थी। इसके लिए नोएडा के एक प्रॉपर्टी डीलर अजय बजाज तिवारी से संपर्क किया। इसके बाद सेक्टर-121 में फ्लैट लेने के लिए उन्होंने अजय को 15 हजार रुपये अग्रिम दे दिए। 4 जून को पैसे देने के बाद अजय ने 15 जून तक फ्लैट में शिफ्ट करवाने का वादा किया, लेकिन पैसे ट्रांसफर करते ही अजय झूठ बोलने लगा तो उन्हें शक हुआ। 12 जून को अजय से पैसे वापस करने के लिए कहा तो उसने लौटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद 14 जून को अजय ने अपना फोन व व्हाट्सएप बंद कर लिया। एसीपी अब्दुल कादिर का कहना है कि इस मामले में प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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