ग्रेटर नोएडा। हिंडन किनारे डूब क्षेत्र में रोक के बावजूद अवैध रूप से भूखंड काटकर निर्माण किए जा रहे हैं। अमर उजाला में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद बिसरख और ईकोटेक-3 थाने में सिंचाई विभाग के सींचपाल की शिकायत पर 11 आरोपियों के खिलाफ चार मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, एफआईआर में कहा गया है कि डूब क्षेत्र में रोक के बावजूद कृषि भूमि को आर्थिक लाभ के लिए पुुरानी आबादी बताते हुए भूखंड काटकर मकान आदि बनाए जा रहे हैं। अवैध निर्माण से नदी का प्रवाह बदलकर यहां बाढ़ के हालात पैदा कर सकता है। वर्ष 1978 में भी यहां बाढ़ के कारण भारी क्षति हुई थी। आरोपी अवैध निर्माण से लोक संपत्ति को भी क्षति पहुंचा रहे हैं। लोक संपत्ति को बचाने और जनता को नुकसान से बचाने के लिए ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाए।
मामले में सींचपाल सुभाष चंद ने बिसरख कोतवाली में हरपाल सिंह, किरनपाल सिंह, जीतराम और ईकोटेक-3 थाने में सुत्याना गांव के ईश्वर सिंह, हातम सिंह, अशोक कुमार, गजराज, आबिद खान, कुलेसरा के बालेश, सनोज, गाजियाबाद के रसूलपुर निवासी मुसाफ अली पर केस दर्ज कराया है। आरोपियों पर आईपीसी की धारा 430, 431, 447, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है।
मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई होना बाकी
डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले हरेंद्र सिंह का कहना है कि एक बड़ा गिरोह इस काम को करने में जुटा है। इस गिरोह पर अभी भी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बुधवार को दादरी एसडीएम और बृहस्पतिवार को एडीएम से शिकायत की है। एडीएम नितिन मदान ने कहा है कि डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करनेे वालों की जांच चल रही है, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।