कानपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण कन्नौज सदर सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने हाल ही में अपने पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त होकर राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। वह भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं।
असीम अरुण ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह क्राउडफंडिग के जरिए चुनावी प्रचार के लिए धन जुटा रहे हैं। असीम ने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए धन की जरूरत है, लेकिन इसके लिए वह अपने विचारों से समझौता नहीं कर सकते। इसी के लिए उन्होंने सीधे जनता से धन जुटाने की मांग की है। उन्हें जनता का सहयोग मिल रहा है। कन्नौज भाजपा प्रत्याशी ने बताया कि उन्होंने प्रचार में कम गाड़ियां और स्टाफ का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है, ताकि खर्च को कम किया जा सके।
'ईमानदारी का रास्ता छोड़े बिना राजनीति में शामिल होना संभव है?'
उन्होंने कहा, 'मैं अपने जीवन को एक ऐसा प्रयोग मानता हूं, जिसमें अब मैं यह परख रहा हूं कि क्या ईमानदारी का रास्ता छोड़े बिना राजनीति में शामिल होना संभव है?' अरुण ने एक बयान में कहा, 'मैं कई जन प्रतिनिधियों को जानता हूं जो इसमें सफल रहे हैं और मेरे लिए प्रेरणा हैं।'
कन्नौज में सपा लगा चुकी है जीत की हैट्रिक
बता दें, कन्नौज इत्र और इतिहास के लिए मशहूर है। कन्नौज के करीब 50 हजार परिवार इत्र कारोबार से प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से जुड़े हैं। यहां इत्र कारोबार की तरक्की बड़ा मुद्दा है। इस सीट पर समाजवादी पार्टी जीत की हैट्रिक लगा चुकी है। पिछले तीन चुनाव लगातार जीत चुके सपा के अनिल दोहरे इस बार भी मैदान में हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने असीम अरुण को उनके मुकाबले में उतारा है। पार्टी सपा का गढ़ छीनने के लिए लड़ रही है। इस सीट पर तीसरे चरण के चुनाव के दौरान 20 फरवरी को मतदान होना है।