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Noida News: भ्रूण लिंग परीक्षण में डॉक्टर समेत पांच गिरफ्तार, थाने से ही मिल गई जमानत

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माई सिटी रिपोर्टर
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नोएडा। सेक्टर-37 स्थित डॉ. राजश्री जसूजा क्लिनिक में भ्रूण लिंग जांच के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को थाने से ही जमानत मिल गई। कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी की शिकायत पर केस दर्ज किया था। उसके बाद क्लिनिक संचालिका डॉ. राजश्री जसूजा, अमित कुमार, रोहित कुमार, बबलू झा और मरियम को गिरफ्तार किया था। प्राथमिक जांच में पता चला है कि क्लिनिक में एक वॉर्ड बॉय इसी काम के लिए रखा गया था। वह दलालों से संपर्क कर भ्रूण लिंग जांच कर रुपये वसूलता था।
एडीसीपी सुमित शुक्ला का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग से अन्य जानकारी ली जा रही है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अभय नंदन वत्स ने पुलिस से शिकायत की है कि इस सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने टीम के सदस्य ने ग्राहक बनकर बातचीत शुरू की। जांच के लिए 25 हजार रुपये तय किए गए।
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शुक्रवार को पानीपत से डॉक्टरों की टीम नोएडा पहुंची। पहले उन्होंने कस्टमर को अंदर भेजा। पैसे दिए और जांच शुरू होते ही टीम अंदर पहुंच गई। इसके बाद अल्ट्रासाउंड आने के बाद कस्टमर को रिपोर्ट बताई गई। इसी दौरान टीम मौके पर पहुंची और वार्ड बॉय के साथ पूरी टीम को पकड़ लिया गया।

स्वास्थ्य विभाग करेगा सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच
नोएडा। शहर में भ्रूण लिंग परीक्षण का खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच करेगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि जिले में करीब 300 सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। ऐसे में सेंटरों पर जाकर जांच की जाएगी। इसके लिए डीएम की तरफ से पहले से कमेटी गठित की गई है। इसमें जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी शामिल होती है।
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सूचना देने वाले का नाम रहता है गुप्त
डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि यदि कहीं पर भ्रूण लिंग की जांच होती है तो इस संबंध में कोई भी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। मामला सही पाया जाने पर सूचना देने वाले को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा गर्भवती महिला भी सूचना दे सकती है। यदि मामला सही पाया जाता है तो गर्भवती महिलाओं को 35,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है।
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