जिम्स में रोज ओपीडी में आने वाले दो हजार से अधिक मरीजों की परेशानी शुक्रवार से बढ़ गई। कोविड अस्पताल बनाने से यहां सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। साथ ही, अस्पताल के पांच डॉक्टर व मेडिकल के छह छात्र संक्रमित मिले हैं। सभी को जिम्स में भर्ती कराकर क्लास रूम व छात्रावास को सैनिटाइज कराया जा रहा है। इसके अलावा गौड़ सिटी के 12वें एवेन्यू में 17 लोग संक्रमित मिले हैं। यहां 82 लोगों की जांच की गई थी।
जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉक्टर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि संक्रमण की गति काफी तेज है। इससे बचाव के लिए एहतियात बरतना जरूरी है। जिम्स को कोविड अस्पताल घोषित कर दिया गया है। यहां सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी सेवा तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है। यहां सिर्फ कोविड मरीजों का ही इलाज होगा। जिम्स में शुक्रवार को 15 मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें पांच डॉक्टर, छह विद्यार्थी व एक बच्चा समेत अन्य मरीज शामिल हैं।
500 बेड तैयार
जिम्स में कोरोना के मरीजों के लिए 500 बेड मौजूद हैं। इनमें से 300 बेड ऑक्सीजन से लैस व 100 बेड आईसीयू वेंटिलेटर से भी युक्त हैं। संक्रमितों के इलाज के लिए 25 डॉक्टरों की टीम गठित कर दी गई है। सभी की ड्यूटी कोविड वार्ड में ही रहेगी।
जेवर में एक ही परिवार के पांच संक्रमित
जेवर में शुक्रवार को एक ही परिवार के पांच लोग संक्रमित मिले हैं। मोहल्ला सराय नैन सिंह, मोहल्ला सल्लियान व थोरा गांव में ये लोग रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी को किट उपलब्ध कराते हुए होम आइसोलेट कर दिया है। इसके अलावा कांटेक्ट ट्रेसिंग भी की जा रही है।
बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए जिम्स को कोविड अस्पताल घोषित किया गया है। यहां संक्रमित मरीज आने शुरू हो गए हैं। सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी बंद कर दी गई है।
- ब्रिगेडियर डॉक्टर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक जिम्स