एक न्यूज एंकर को हनीट्रैप में फंसाकर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में शनिवार को दो महिलाओं समेत पांच लोगों को सेक्टर-39 पुलिस ने सदरपुर गांव के पास से गिरफ्तार किया है। दो लाख रुपये न देने पर आरोपियों ने 3 जून को युवक से होंडा सिटी कार, दो मोबाइल और 25 हजार रुपये छीन लिए थे।
आरोपी दंपती ने सेक्टर-18 में मसाज पार्लर भी चला रखा था। अब उसे भी बंद कराया जाएगा। महिलाएं हाई प्रोफाइल लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती करती थीं और पार्टी देने के नाम पर घर बुलाती थीं। यहां पर नशीला पदार्थ पिलाकर अश्लील वीडियो बनानेे के बाद लाखों रुपये वसूले जाते थे। आरोपी वकील, इंजीनियर, शिक्षक, डॉक्टर सहित 16 लोगों से पैसे ऐंठ चुके हैं।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि न्यूज एंकर का आरोपी सना खान से परिचय हुआ था। कुछ ही दिन में मुलाकात दोस्ती में बदल गई और फिर पार्टी के नाम पर सना ने न्यूज एंकर को 3 जून को सेक्टर-44 स्थित मकान पर बुलाया था। पार्टी के दौरान उसे बीयर पिलाई और कुछ नशीला पदार्थ डाल दिया। कुछ ही देर में युवक बेसुध हो गया। सना की दोस्त दीपा ने सोंटी और कुलदीप से मिलकर उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए।
जब युवक को होश आया तो वीडियो और फोटो दिखाकर ब्लैकमेल करने लगी। युवक के पास उस समय होंडा कार, 25 हजार रुपये और दो मोबाइल थे। आरोपियों ने धमकी दी कि उन्हें दो लाख रुपये नकद चाहिए। यदि वह नहीं दे सकता है तो कार व अन्य सामान को छोड़कर चला जाए और पैसे देकर वापस ले जाए। युवक ने पैसा न देने की बात कही तो पिटाई की गई जिससे उसे चोट लग गई तो अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौका पाकर युवक अस्पताल से भागने में कामयाब हो गया और घटना की सूचना पुलिस को दी। सेक्टर-39 कोतवाल आजाद सिंह तोमर ने इस मामले की जांच की और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
शनिवार को पुलिस को मोबाइल की लोकेशन के आधार पर आरोपियों के सेक्टर-45 सदरपुर में होने की सूचना मिली। पुलिस ने सदरपुर से सभी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान दिल्ली के जसौला में हंसा मोहल्ला निवासी सोंटी उर्फ पूरनलाल व सना खान और दिल्ली शाहीन बाग निवासी लक्की उर्फ अर्ष मोहम्मद, नोएडा सेक्टर-44 निवासी दीपा चौहान व उसका पति कुलदीप के रूप में हुई।
दंपती पहले गाजियाबाद के वंदना एंक्लेव के रहते थे। आरोपी दंपती महंगे शौक और अधिक खर्चों के कारण दंपती हनीट्रैप गिरोह चलाने लगे थे। पीड़ितों के पास अगर नकदी नहीं होती थी तो आरोपी उनका कार्ड भी मशीन से स्वैप कर लेते थे।