अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह का कहना है कि इस मामले में कोतवाली एक्सप्रेसवे पुलिस ने एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, कंपनी के एमडी गीतांबर आनंद, एडिशनल डायरेक्टर उदयवीर आनंद, सेल्स हेड हरिंदर ढिल्लो और एमडी की एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट आरती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
फ्लैट आवंटन और ब्रोकरेज सेवाओं के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर के एमडी गीतांबर आनंद, सेल्स हेड हरिंदर ढिल्लो समेत चार लोगों के खिलाफ कोतवाली ऐक्सप्रेसवे में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर और इसके अधिकारियों ने पीड़ित से 2.39 करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-93 निवासी सचिन गुप्ता ने एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी और इसके अधिकारियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया है। आरोप है कि एटीएस एल्योर नामक परियोजना में पांच फ्लैट बुक कराने का कंपनी की तरफ से लालच दिया गया। एक समझौते के तहत वर्ष 2018 में सचिन ने कंपनी में 1.38 करोड़ रुपये जमा कराए।
पांच फ्लैट आवंटित करने के बाद उन्हें कंपनी की तरफ से 21.16 लाख रुपये मुनाफे के साथ 1.59 करोड़ रुपये वापस देने थे। सचिन ने सभी पांच फ्लैट के लिए पांच लोगों से फ्लैट की राशि का भुगतान करा दिया। आरोप है कि कंपनी की तरफ से 1.59 करोड़ रुपये में से केवल 40 लाख रुपये लौटाए और फ्लैट भी नहीं दिया गया।
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इसके बाद भी एटीएस बिल्डर की अन्य सहायक कंपनियों की तरफ से ब्रोकरेज के नाम पर 1.20 करोड़ रुपये ले लिए गए। इस तरह कंपनी की तरफ से सचिन गुप्ता से 2.39 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। इसके बाद कई बार कंपनी से पत्राचार किया, लेकिन पैसे नहीं दिए गए।
इसपर उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो एक सब इंस्पेक्टर ने उस वक्त जांच की थी। सब इंस्पेक्टर के सामने मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया था, लेकिन पैसे वापस नहीं किए गए। तब उन्होंने इस मामले की शिकायत अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार से की।
अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह का कहना है कि इस मामले में कोतवाली एक्सप्रेसवे पुलिस ने एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, कंपनी के एमडी गीतांबर आनंद, एडिशनल डायरेक्टर उदयवीर आनंद, सेल्स हेड हरिंदर ढिल्लो और एमडी की एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट आरती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।