नई दिल्ली। भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी समेत करीब 600 पूर्व और मौजूदा अफसरों से 19 करोड़ की ठगी के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पश्चिम विहार निवासी अशोक शर्मा (69) और बेटे नित्या शर्मा (37) के रूप में हुई है। दोनों ने नरेला जोन में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की लैंड पूलिंग योजना के तहत हाउसिंग सोसाइटी बनाकर फ्लैट देने का झांसा देकर ठगी की थी। जांच में पता चला है कि डीडीए ने ऐसी किसी योजना को मंजूरी नहीं दी है। जिस जमीन पर हाउसिंग सोसाइटी बनाने की बात कही गई थी, वह वर्ष 2011 से विवादित थी। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
ईओडब्ल्यू की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि राज्यसभा के डिप्टी डायरेक्टर (सिक्योरिटी) पीके गौतम व अन्य ने हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर ठगी का आरोप लगाकर पश्चिम विहार थाने में मामला दर्ज कराया था। पीके गौतम ने शिकायत में बताया था कि अशोक व नित्या शर्मा ने स्काइलार्क मल्टीस्टेट ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी कंपनी बनाई थी। आरोपियों ने नेरला में डीडीए की लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत अलग-अलग श्रेणियों में आवासीय फ्लैट तैयार करने का झांसा दिया था। आरोपियों की बातों में आकर आईआरएस अधिकारी, पूर्व इनकम टैक्स कमिश्नर समेत करीब 600 बड़े पूर्व और मौजूदा सरकारी अधिकारियों ने सोसाइटी में 19 करोड़ से अधिक का निवेश किया था।
बाद में पता चला कि आरोपियों ने जमीन नहीं खरीदी थी। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने निवेशकों के रुपये भी नहीं लौटाए। 21 फरवरी 2020 को पुलिस ने मामला दर्ज किया। बाद में मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई।
जांच में पता चला कि जिस जमीन पर सोसाइटी बनाने की बात कही गई थी वह मुकदमेबाजी में फंसी थी। वहीं डीडीए ने भी ऐसे किसी प्रोजेक्ट की मंजूरी भी नहीं दी थी। बैंक खातों की जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 6 करोड़ रुपये आरोपी कैश निकाल चुके थे। मंगलवार को दोनों आरोपियों को पश्चिम विहार से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया।
द्वारका में पूरा किया था हाउसिंग प्रोजेक्ट
आरोपी अशोक शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा का रहने वाला है। काफी समय पूर्व वह दिल्ली आ गया था। दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन के बाद उसने केमिकल इंडस्ट्री, मार्केटिंग, केबल टीवी समेत अन्य क्षेत्रों में हाथ आजमाया। हर जगह उसे भारी घाटा हुआ। इसके बाद उसने स्काइलार्क सोसाइटी बनाई। द्वारका में उसने एक हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरा कर निवेशकों केे हवाले भी किया।
सरकारी अधिकारियों में बनाई पैठ
द्वारका में प्रोजेक्ट पूरा करने के बाद आरोपी ने सरकारी अधिकारियों में पैठ बनाना शुरू किया। वह अलग-अलग मंत्रालय व विभाग के अफसरों से मिलने लगा। उसने कई आईआरएस अधिकारियों से संपर्क बना लिए। नए हाउसिंग प्रोजेक्ट के बारे में अधिकारियों को बताकर उन्हें निवेश करने के लिए कहने लगा। अशोक का बेटा नित्या शर्म खुद को सोसाइटी का सीईओ बताता था। पुलिस इसका पता लगाया रही है कि ठगी में दोनों के साथ कौन-कौन शामिल थे।