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नोएडा: किसानों का धरना समाप्त, प्राधिकरण ने मानीं कई मांगें, कर्मचारियों व काम कराने के लिए आने वाली जनता को राहत

Fri, 31 Dec 2021 09:52 PM IST
सुशील कुमार माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा

सार

किसान लगातार प्राधिकरण के गेट पर बैठ रहे थे और अंदर किसी भी अधिकारी को घुसने नहीं दे रहे थे। 13 दिन पहले आंदोलन की अगुवाई कर रहे भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा समेत अन्य किसानों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया।
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किसानों का धरना समाप्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नोएडा में 122वें दिन प्राधिकरण के खिलाफ चल रहा किसानों का धरना साल के अंतिम दिन शुक्रवार को समाप्त हो गया। प्राधिकरण की तरफ से कई मांगें माने जाने के बाद किसानों व प्राधिकरण के बीच सहमति बन गई। इसके बाद प्राधिकरण दफ्तर पर किसानों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। 

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धरणा का नेतृत्व कर रहे सुखबीर खलीफा ने इसे किसानों की जीत बताया और आंदोलन का सहयोग कर रहे लोगों का शुक्रिया अदा किया। इससे पहले सांसद डॉ. महेश शर्मा व विधायक पंकज सिंह ने एसीईओ प्रवीण मिश्र और एडीसीपी रणविजय सिंह की मौजूदगी में किसानों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

अपनी कई मांगों के समर्थन में नोएडा के 81 गांव के किसान 1 सितंबर से प्राधिकरण के खिलाफ धरना दे रहे थे। भारतीय किसान परिषद के तत्वावधान में चल रहा यह धरना पहले हरौला के बरात घर में चल रहा था। इसके बाद किसान आक्रोशित हो गए और पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर प्राधिकरण कार्यालय तक पहुंच गए। इससे प्राधिकरण का कामकाज प्रभावित हो रहा था। 
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किसान लगातार प्राधिकरण के गेट पर बैठ रहे थे और अंदर किसी भी अधिकारी को घुसने नहीं दे रहे थे। 13 दिन पहले आंदोलन की अगुवाई कर रहे भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा समेत अन्य किसानों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। इसके बाद शासन से लेकर प्राधिकरण पर भी दबाव बढ़ गया। इस पर गुरुवार को प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत हुई और धीरे-धीरे बातचीत सकारात्मक रूप से आगे बढ़ी और साल के अंतिम दिन निर्णायक साबित हुआ।

इन पर बनी सहमति
1. वर्षों से किसानों की मुख्य समस्या आबादी के लिए थी। इसमें विनियमतिकरण की सीमा 450 मीटर प्रति व्यक्ति से बढ़ाकर हजार मीटर प्रति व्यक्ति कर दी गई।
2. पेरिफेरल रोड के अंदर जो जमीन किसान ने किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी तो उसका समाधान स्वामित्व और घरौनी योजना के तहत कर दिया जाएगा।
3. आबादी निस्तारण हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों के निस्तारण प्राप्ति के 15 दिन के अंदर कर दिया जाएगा और उसकी अगली बोर्ड मीटिंग में रजिस्ट्री खुलने का प्रावधान कर दिया जाएगा।
4. 10 परसेंट, 64.7 परसेंट की मांग को लेकर प्राधिकरण ड्राफ्ट बनाकर इसे शासन को भेजेगा, जिसकी पैरवी माननीय जन प्रतिनिधि विधायक व सांसद द्वारा की जाएगी।
5. जिले के व्यक्तियों द्वारा किसी भी व्यक्ति से नोएडा में जमीन खरीदें जाने पर उसके मूल लाभ के लिए परीक्षण कर समय अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
6. भवन नियमावली निस्तारण के संबंध में भवनों की ऊंचाई ग्राउंड फ्लोर लेवल से टॉप छत के लेवल तक नापी जाएगी और किसी भी प्रकार का नक्शा नहीं पास कराया जाएगा।
7. मूल 5 परसेंट के प्लॉट के लिए भूमि उपलब्धता न होने से भूलेख विभाग में नहीं रोका जाएगा और मूल 5 परसेंट के प्लॉट सभी को कर दिए जाएंगे, प्लानिंग में डाले हुए प्लॉट अधिकतम 6 माह में निस्तारित कर दिए जाएंगे।
8. मूल 5 परसेंट के प्लॉट के लिए अलग से एक क्लस्टर और चक दिया जाएगा।
9. विकास कार्यों के लिए फाइल भूलेख विभाग में न भेजकर वर्क सर्किल लेवल पर ही करा दिए जाएंगे।
10. 5 परसेंट के प्लॉट में व्यावसायिक गतिविधि चलाने के लिए रियायती दर पर कमेटी बनेगी जो इस बोर्ड मीटिंग में निर्णय लेकर अग्रिम बोर्ड मीटिंग से पास कराया जाएगा।
11. ग्रामों में खेल के प्रति लगाव को देखते हुए नोएडा में इंटरनेशनल मल्टी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाया जाएगा।
12. प्रत्येक गांव में पुस्तकालय की व्यवस्था की जाएगी।
13. प्रत्येक गांव में खेल मैदान बनाते हुए एक खेल का बजट अलग से निर्धारित किया जाएगा।

पुलिस की रही अहम भूमिका
आंदोलन के दौरान किसानों व पुलिस में तनातनी के साथ सौहार्द का संबंध बना रहा। एडीसीपी रणविजय सिंह ने किसान और प्राधिकरण के बीच अहम कड़ी की भूमिका निभाते हुए कई बार सकारात्मक रास्ता बनाया। उन्होंने बातचीत का माहौल बनाया। कई बार बातें आगे बढ़ी तो कई बार बात रुक गई।

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