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ट्रैक्टरों पर सवार होकर ग्रेनो से नोएडा प्राधिकरण पहुंचे किसान, लगा जाम

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ग्रेटर नोएडा/नोएडा। दस प्रतिशत भूखंड, अतिरिक्त मुआवजा, रोजगार देने समेत अन्य मांगों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के किसानों ने सोमवार को ग्रेनो से नोएडा कूच किया। किसानों ने जीरो प्वाइंट पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को एक ओर से बंद कर दिया। करीब दो घंटे तक सड़क पर यातायात थम गया। पुलिस के समझाने और तीनों प्राधिकरण के सीईओ से वार्ता का आश्वासन मिलने के बाद किसान नोएडा की तरफ रवाना हुए। जाम के कारण पुलिस को परी चौक से यातायात डायवर्ट करना पड़ा।
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ट्रैक्टरों में सवार डीजे बजाते हुए किसान एक्सप्रेसवे होते हुए चिल्ला बार्डर पहुंचे। नोएडा प्राधिकरण जाने के लिए यूटर्न ले रहे किसान अचानक सेक्टर-14ए में प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी के आवास के मुख्य गेट पर बैठ गए। किसानों ने कहा कि सीईओ के घर पर ही रहकर किसान अपनी समस्याएं सुनाएंगे। एडीसीपी रणविजय सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारियाें ने काफी प्रयास किया लेकिन मानने को तैयार नहीं हुए। किसानों ने शर्त रखी कि तीनों प्राधिकरण के सीईओ के साथ वार्ता कराई जाए। एडीसीपी ने प्राधिकरण के आला अधिकारियों से वार्ता की और पूरा प्रकरण बताया। इसके बाद किसानों को आश्वासन दिया गया कि नोएडा प्राधिकरण में तीनों प्राधिकरणों के अफसर वार्ता में शामिल होंगे। इसके बाद ही किसान नोएडा प्राधिकरण रवाना हुए।
नोएडा प्राधिकरण पर किसानों के पहुंचने से पहले पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मुख्य गेट का रास्त बंद कर दिया। किसानों ने वहीं पर धरना देना शुरू कर दिया। इस मौके पर किसानों ने कहा कि वह प्राधिकरण अधिकारियों से वार्ता करके अपनी समस्याओं को दूर कराने के लिए आए है। यदि 5 मिनट में अधिकारी उनके बीच नहीं आए तो वह वापस सीईओ आवास पर धरना देने चले जाएंगे।
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प्राधिकरण के एसीईओ और ओएसडी समेत पुलिस के आला अधिकारी मौजूद थे। किसान और पुलिस दोनों बैरिकेड के आरपार खड़े थे। लेकिन अफसर पुलिस होने के बावजूद किसानों के बीच जाने को तैयार नहीं हुए। समय पूरा होने पर किसानों ने प्राधिकरण की सीईओ के आवास पर कूच करने के लिए एलान किया और चल दिए। एडीसीपी रणविजय सिंह ने किसानों से वार्ता कर मनाया। अफसरों ने इसके बाद ही राहत की सास ली।
अब तक मिला सिर्फ आश्वासन
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि पिछले माह तीनों प्राधिकरण के साथ बैठक में आश्वासन मिला था, लेकिन किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया। नोएडा प्राधिकरण पर धरने में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश महासचिव पवन खटाना ने कहा कि तीनों प्राधिकरणों ने किसानों की आबादियों को अपने नाम कर लिया है। कई दशक हो गए हैं लेकिन कब्जा वापस नहीं दिया जा रहा है। अब किसान प्राधिकरण अधिकारियों के घर में घुसकर कब्जा करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन पर शहर बसाया और किसानों का ही उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तीनों प्राधिकरणों ने किसानों का शोषण किया है, लेकिन अब समय खत्म हो गया है। इस मौके पर एनसीआर अध्यक्ष सुभाष चौधरी व जिलाध्यक्ष अनीत कसाना समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
प्राधिकरण अफसरों से वार्ता करने गई 21 सदस्यीय कमेटी
नोएडा प्राधिकरण पर किसानों की पंचायत में 21 किसान नेताओं को वार्ता के लिए भेजा गया। तीनों प्राधिकरण अफसरों और किसानों के बीच करीब साढ़े पांच बजे वार्ता शुरू हो गई थी। किसान नेताओं ने जिले के किसानों के पांचों मुद्दों पर वार्ता करनी शुरू की।
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