नोएडा। सेक्टर-6 प्राधिकरण के सभी गेट पर सोमवार की तरह मंगलवार को भी किसानों ने कब्जा कर पशु बांध दिए। इससे अधिकारी-कर्मचारी प्रवेश नहीं कर पाए। इस बीच किसानों और पुलिस अधिकारियों में नोकझोंक भी हुई। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी अफसरों को घुसने नहीं देंगे। पुलिस के काफी समझाने के बाद किसान सिर्फ एक गेट खोलने को तैयार हुए। इसके बाद ही अधिकारियों को घुसने दिया गया।
मुआवजा, आबादी, नक्शा नीति, रोजगार और विकसित भूखंड देने में एक समानता समेत 10 मांगों को लेकर 91 दिन से किसान आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को किसानों के सभी गेट बंद करने की सूचना के बाद डीसीपी राजेश एस, एडीसीपी रणविजय सिंह, एसीपी अंकिता शर्मा, एसीपी रजनीश वर्मा समेत पांच-छह थानों की पुलिस पहुंच गई। एडीसीपी ने किसानों को चेताया कि वह प्राधिकरण के गेट छोड़कर एक तरफ जाकर बैठ जाएं। इस पर किसान बिफर गए और काफी देर तक बहस होती रही। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि औद्योगिक विकास मंत्री की ओर से जो दस्तावेज मांगे हैं उन्हें देने हैं। इसके बाद किसानों ने प्राधिकरण अधिकारियों के लिए वाहन जाने वाले गेट को खोल दिया। दोपहर दो बजे के बाद ही प्राधिकरण अधिकारी कार्यालय में प्रवेश कर सके।
इधर, किसान नेता सुखवीर खलीफा और सुधीर चौहान ने कहा कि किसान अब किसी कीमत पर प्राधिकरण में काम नहीं होने देंगे। यदि कोई काम होगा तो प्राधिकरण में किसानों से जुड़ी समस्याओं पर ही होगा। एडीसीपी रणविजय सिंह और प्राधिकरण के ओएसडी प्रसून द्विवेदी ने आश्वासन दिया कि वह किसानों से संबंधित फाइल लखनऊ पहुंचाना चाहते हैं, इसके लिए कार्यालय में जाना होगा।
पशुओं की संख्या बढ़ाकर सात की, दूध निकाला
किसानों ने मंगलवार को पशुओं की संख्या बढ़ाकर सात कर दी। किसानों ने पशुओं का प्राधिकरण पर ही दूध निकाला और वहीं पर चाय बनाकर लोगों को पिलाई।
आसपास की कंपनियों में बैठकर अफसरों ने किया काम
कुछ अधिकारी-कर्मचारी फिर भी प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे, लेकिन अंदर नहीं जा सके। ऐसे में अधिकारियों ने आसपास में बनीं कंपनियों में बैठकर ही काम निपटाएं।