जेवर। नोएडा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए दूसरे चरण में जेवर के 6 गांवों की 1310 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए सोमवार को मुढरह गांव में अपर जिलाधिकारी बलराम सिंह के नेतृत्व में जन सुनवाई हुई। टीम ने किसानों के मुद्दों को सर्वे में शामिल किया है। भूमि अधिग्रहण से पहले प्रभावित किसानों के जीवन पर अधिग्रहण के बाद पड़ने वाले प्रभाव की रिपोर्ट तैयार कराने के लिए शासन ने जीबीयू की टीम से सामाजिक समाघात का सर्वे कराया था। इसी सर्वे के आधार पर जनसुनवाई हुई।
एसडीएम जेवर रजनीकांत मिश्र, तहसीलदार जेवर अखिलेश सिंह के अलावा सर्वे टीम के नोडल अधिकारी विवेक मिश्रा, प्रोफेसर वंदना पांडेय, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. आनंद प्रताप व डॉ. अमित अवस्थी की मौजूदगी में लोगों से समस्याएं पूछी गईं। इस दौरान ग्रामीणों ने सवाल किया कि मुढरह गांव है या फिर शहर। यदि मुढरह अब भी भी गांव है, तो किसानों को चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं, कुछ किसानों ने कहा कि एयरपोर्ट के प्रथम चरण में 2,300 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया गया था। यदि उस मुआवजे को आधार मानकर ब्याज जोड़ा जाए तब भी मुआवजा 4,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर से अधिक होता है। ऐसे में सरकार अगर उचित मुआवजा देती है तो किसानों को जमीन देने में कोई दिक्कत नहीं है।
सकारात्मक रहा किसानों का रुख
उपजिलाधिकारी जेवर और एयरपोर्ट प्रभारी रजनीकांत मिश्र ने बताया कि मुढरह गांव की 53 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है, इसलिए गांव में जाकर किसानों के साथ जन सुनवाई की गई। किसानों का रुख सकारात्मक था। किसान जमीन देने को तैयार हैैं। चार गुना मुआवजा या फिर 4,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजे की मांग करने का किसानों का अधिकार है। नियम के मुताबिक किसानों को उनकी जमीन का पूरा हक दिया जाएगा।