फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: वीआईपी नंबरों की बोली में फेक बिडरों की सेंधमारी

विज्ञापन
विज्ञापन
वीआईपी नंबरों की बोली में फेक बिडरों की सेंधमारी
विज्ञापन


- इससे पहले भी कई बार फेक बिडर फेक बोली लगाकर नंबर को खरीद चुके हैं

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। यूपी 16 ईके सीरीज के वीआईपी नंबरों की बोली में फेक बिडरों ने सेंध लगानी शुरू कर दी है। इस सीरीज के 0001 नंबर के लिए 10 वाहन स्वामियों ने दावेदारी करते हुए 11 लाख रुपये की बोली लगाई है। लेकिन अब तक यह नंबर किसी को आवंटित नहीं किया गया है। बोली ज्यादा होने के कारण जो असली बोलीदाता हैं वह इससे ज्यादा की बोली लगाने से कतरा रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। बल्कि हर बार बोली प्रक्रिया में ऐसा आमतौर पर देखने को मिलता है। यहीं नहीं 0003, 0004 नंबर के लिए भी 10-10 वाहन स्वामियों ने छह से सात लाख रुपये तक की बोली लगाई है।
परिवहन विभाग हर माह 348 नंबरों को वीआईपी श्रेणी में रखकर बोली प्रक्रिया संचालित करता है। नियमानुसार नीलामी के लिए प्रत्येक नंबर पर कम से कम तीन-तीन लोगों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यदि किसी नंबर पर तीन से कम बोलीदाता हैं तो वह नंबर नीलाम नहीं किया जा सकता है। इस बार 25 नंबरों की नीलामी में लोगों ने भाग लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसा चल रहा है खेल
नीलामी प्रक्रिया ऑनलाइन है। एक ही ग्रुप, परिवार या कंपनी के कई लोग एक ही नंबर पर बोली लगाते हैं। इनमें एक व्यक्ति की बोली अधिक और दूसरों की उससे काफी कम होती है। अंतिम समय में सबसे अधिक बोली लगाने वाला राशि जमा नहीं करता तो दूसरे स्थान वाले को मौका दिया जाता है। यदि वह भी तय समय में राशि जमा नहीं करता तो तीसरे स्थान वाले व्यक्ति को नंबर आवंटित किया जाता है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ सियाराम वर्मा ने बताया कि कुछ लचीले नियमों का लोग लाभ उठा रहे हैं। इस संबंध में शासन से बात कर सख्ती कराई जाएगी। नीलामी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें