पहले पायदान पर ही फेल हो गई ईवी चार्जिंग स्टेशन की योजना
टाटा कंपनी ने दिखाई चार्जिंग स्टेशन लगाने में रुचि
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण निगम की जिले के बिजली घरों में इलेक्टि्रक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना गौतमबुद्ध नगर में परवान नहीं चढ़ सकी। योजना पहली सीढ़ी पर कदम बढ़ाते ही धड़ाम हो गई, जिसके बाद मुख्यालय से सभी बिजली घरों की ड्राइंग मांगी गई है। विभागीय अधिकारी ड्राइंग तैयार कर इसे अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
दरअसल, केंद्र व प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए इलेक्टि्रक व्हीकल के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। गौतमबुद्ध नगर में करीब 13 हजार 700 से अधिक इलेक्टि्रक व्हीकल पंजीकृत हैं। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार को सबसे अधिक राजस्व देने वाले गौतमबुद्ध नगर में उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण निगम भी आमदनी के स्त्रोत को बढ़ाने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की परियोजना पर काम करना शुरू किया। इसके लिए कुछ दिनों पूर्व टाटा कंपनी के प्रतिनिधियों ने जिले के बिजली घरों का सर्वे का काम भी पूरा कर मुख्यालय को रिपोर्ट सौंप दी थी, जिसमें तीन बिजली घरों को परियोजना के लिए उपयुक्त माना गया, जिसके बाद मुख्यालय स्तर से विभागीय स्तर पर इसकी विस्तृत जानकारी मांगी गई। इसमें विभाग को कहीं भी उचित स्थान नहीं मिला।
तीन जगहों को कंपनी ने माना था उपयुक्त
मुख्य अभियंता राजीव मोहन ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व टाटा कंपनी के प्रतिनिधियों का एक दल जिले के बिजली घरों का सर्वे किया था, जिसमें मुख्य अभियंता कार्यालय सेक्टर-16, खंड एक अधिशासी अभियंता कार्यालय सेक्टर-25 और एक ग्रेटर नोएडा के बिजली घर काे टाटा कंपनी ने उपयुक्त माना था। हालांकि इसमें ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए पूछे गए कुछ सवाल ही बड़ी बाधा बनकर सामने आ गए।
मुख्यालय से पूछा गया है कि बिजली की सकुशल आपूर्ति के अलावा कितना स्थान बिजली घरों में खाली पड़ा है, जिसके जवाब में विभाग को खाली स्थान नहीं मिला। मुख्यालय को बताया गया है कि यहां कोई भी अतिरिक्त स्थान नहीं है।