नोएडा। सेक्टर-18 से 61 के बीच शहर के एकमात्र एलिवेटेड रोड की सतह टूट चुकी है। कई जगह मरम्मत की गई है, लेकिन एलिवेटेड रोड की हालत फिर भी काफी खराब है। ऐसे में प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने संबंधित अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। सीईओ ने बुधवार को सिविल कार्यों की समीक्षा बैठक की। इसमें कई परियोजनाओं में देरी और लापरवाही बरतने पर उन्होंने चेतावनी दी। साथ ही, परियोजनाओं की समयसीमा तय की। बैठक में सीईओ के अलावा एसीईओ प्रवीण कुमार मिश्र, पीजीएम राजीव त्यागी, जीएम पीके कौशिक और सभी वर्क सर्किलों के वरिष्ठ प्रबंधक शामिल रहे। सीईओ ने कई परियोजनाओं की प्रगति पर नाखुशी जाहिर की।
इनमें सेक्टर-21ए इंडोर स्टेडियम, शूटिंग रेंज व क्रिकेट स्टेडियम, भंगेल एलिवेटेड रोड, एक्सप्रेसवे पर अंडरपास, वर्क सर्किल-9 एवं 10 के अंतर्गत नए सेक्टरों के विकास आदि के काम शामिल रहे। उन्होंने करीब पांच किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड की हालत पर नाखुशी जताई और समय से पहले जर्जर हालत होने पर जांच कराने के लिए कहा। इसके लिए एक टीम के गठित की जाएगी। इसके आधे भाग का लोकार्पण सपा शासनकाल में 2017 से पहले और आधे भाग का लोकार्पण योगी सरकार के दौरान 2017 के बाद किया गया था। इसकी मरम्मत भी एक बार कराई गई थी। इसके अलावा उन्होंने मल्टीलेवल व अंडरग्राउंड पार्किंग को और बेहतर तरीके से चलाने को कहा। उन्होंने बरौला के निकट सिंचाई नाले के पुल और सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों के बीच फुट ओवर ब्रिज को जल्द तैयार कराने को कहा।
इन मामलों में दी चेतावनी
एफएनजी पर बहलोलपुर के निकट निर्माणाधीन बॉक्स कलवर्ट, एक्सप्रेसवे पर अंडरपास, रिसर्फेसिंग का काम समय से पूरा कराने को कहा। रिसर्फेसिंग का काम 30 अप्रैल तक पूरा नहीं होने पर एजेंसी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश दिए। वहीं, 100 दिन और छह माह में पूरे किए जाने वाले कार्यों को गंभीरता से लेने को कहा। अगर काम तय समय में पूरा नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ जवाबदेही तय करने के आदेश दिए। उन्होंने सेक्टर-151ए गोल्फ कोर्स के कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वेटलैंड के चारों ओर फेंसिंग की जाएगी। गांवों में निर्मित खेल के मैदानों के संचालन के लिए संबंधित स्टाफ को निर्देशित किया।