नोएडा। बिल्डर को बिजली कनेक्शन देने में की गई धांधली के मामले में नया मोड़ आ गया है। साल 2018 में दिए गए कनेक्शन पर जब निदेशक को दोषी माना गया तो उन्होंने बचाव में जवाब दिया कि यदि मेरे द्वारा दिए गए कनेक्शन गलत हैं, तो इससे पहले भी आठ बिल्डरों को कनेक्शन दिए गए हैं। उन सभी पर जांच कराई जाए। इस पर निगम के चेयरमैन ने नोएडा-ग्रेनो के आठ बिल्डरों को दिए गए कनेक्शन की जांच के लिए कमेटी बना दी।
निगम के आलाधिकारियों ने बताया कि पश्चिमांचल निगम में राकेश कुमार राणा साल-2018 में नोएडा में मुख्य अभियंता पद पर तैनात थे। इससे पहले वह नोएडा और गाजियाबाद के संयुक्त रूप से मुख्य अभियंता भी रहे थे। आरोप है कि पद पर काम करते हुए उन्होंने ग्रेनो वेस्ट स्थित बिल्डर को 52 केवी का कनेक्शन दिया था। बाद में अनुचित तरीके से लाभ देेते हुए बिल्डर का भार कम कर दिया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई। मामले में उनके खिलाफ आरोपपत्र जारी हुआ। एक सप्ताह पहले दिए जवाब में राणा ने कहा कि मैंने एक बिल्डर को ही कनेक्शन दिया था, जबकि उनसे पहले इस तरह नोएडा-ग्रेनो में 8 बिल्डरों को कनेक्शन दिए गए थे। यह बिल्डर साइट सेक्टर-93, सेक्टर-110, सेक्टर-32,सेक्टर-126, सेक्टर-168, सेक्टर-74, सेक्टर-45 और सेक्टर-142 में है। यदि मामले में उनको दोषी माना जा रहा है तो पूर्व में दिए गए कनेक्शन की जांच कराई जाए।
निगम को पहुंचाया नुकसान
ग्रेनो वेस्ट स्थित बड़े बिल्डर को कनेक्शन देने के बाद वहीं पर बिल्डर के खर्च पर बिजली घर बनवाया जाना था, लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने बिजली घर न बनवाकर 33केवी की लाइन से निगम को नुकसान पहुंचाते हुए बिल्डर को कनेक्शन दे दिया। इससे आम उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के लिए परेशान होना पड़ा और निगम के खर्च पर बिल्डर को बिजली दी गई।