खराब खानपान से ग्रेनो में पथरी, हर्निया और मोटापे के मामले अधिक
निजी चिकित्सा संस्थान में आए मरीजों पर हुए अध्ययन और जांच से डाक्टरों ने निकाला निष्कर्ष
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आराम तलब जीवन शैली और खराब खानपान के चलते ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में पथरी, हर्निया और मोटापे के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। एक निजी चिकित्सा संस्थान में आने वाले मरीजों पर डाॅक्टरों के किए गए अध्ययन और जांच में यह बात सामने आई। ग्रेटर नोएडा में आम तौर पर पित्ताशय की पथरी और हर्निया की समस्याएं देखी जा रही हैं, जो पूरे उत्तरी भारत में एक आम समस्या है। लेकिन हाल ही में यहां किशोरों और युवाओं में मोटापे के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। जनरल सर्जन डॉ.जगदीश चंदर कहते हैं कि इसका कारण समृद्धि आने के साथ खान-पान की आदतों में बदलाव है। लोग अब पौष्टिक भोजन के साथ-साथ अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों का भी सेवन कर रहे हैं। इसके अलावा, चिकन और अन्य खाद्य पदार्थों में स्टेरॉयड के इस्तेमाल के कारण लड़कों और लड़कियों में बालों का अत्यधिक विकास हो रहा है। मोटापा और अधिक बालों का विकास मिलकर पाइलोनिडल साइनस नामक एक गंभीर समस्या का कारण बन सकते हैं। इस बीमारी का इलाज मुश्किल होता है और सर्जरी के बाद भी दोबारा हो सकता है।
डॉ. अपूर्व पांडे कहते हैं कि वर्क-फ्रॉम-होम संस्कृति के कारण लोगों की जीवनशैली अधिक निष्क्रिय हो गई है, जो वयस्कों में मेटाबोलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड लिवर डिजीज की बढ़ती घटनाओं का प्रमुख कारण है।
डॉ. राजेश कुमार गुप्ता कहते हैं कि कोविड-19 महामारी के बाद से, रेस्पिरेटरी एलर्जी, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और हृदय संबंधी जटिलताओं में काफी बढ़ोतरी देखी है। एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और दिल की बीमारियां अब 20 साल की उम्र के युवाओं में भी देखने को मिल रही हैं।