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चिटहेरा भूमि घोटाले में डीएम ने एडीएम को सौंपी जांच

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चिटहेरा भूमि घोटाले में डीएम ने एडीएम को सौंपी जांच
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ग्रेटर नोएडा। चिटहेरा गांव में अनुसूचित जाति और भूमिहीनों के नाम हुई ग्राम-समाज की भूमि को हड़पकर अरबों रुपये के भूमि घोटाले के मामले में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नितिन मदान करेंगे। हालांकि, पुलिस की ओर से पहले ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि इस भूमि घोटाले में अधिकारी, नेता और भू-माफिया ने मिलकर अरबों का घोटाला किया है।
चिटहेरा भूमि घोटाले के बारे में लोनी गाजियाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश मुकुल गोयल से शिकायत की थी। गांव में अनुसूचित जाति और भूमिहीन लोगों के नाम पर सरकारी भूमि के पट्टे का आवंटन हुआ था। भू-माफिया की नजर आवंटित भूमि पर पड़ी। आरोप है कि इसके बाद तहसील में रखे दस्तावेज में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। भू-माफिया ने दूसरे जिलों से अनुसूचित जाति के लोगों के नाम पर रजिस्ट्री और एग्रीमेंट टू सेल करवा दिए। जैसे ही जमीन बाहरी लोगों के नाम दर्ज हुई, उनका उपयोग बदल दिया गया। साथ ही सरकारी जमीन का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से करोड़ों रुपये का मुआवजा उठा लिया गया।
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जमीन पर भू-माफिया का कब्जा, विरोध करने पर मिली जेल
ग्राम समाज की ओर से अनुसूचित जाति के जिन भूमिहीन परिवारों को भूमि के पट्टे दिए थे। जब वह कब्जा लेने पहुंचे तो वहां पहले से भू-माफिया काबिज था। विरोध करने पर भू-माफिया ने उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए। मामले में स्थानीय पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से कई बार शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीजीपी ने एसटीएफ को मामले की जांच सौंपी थी।
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