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जिला अस्पताल को 300 बिस्तर का इंतजार, महानिदेशक ने 7वीं बार मांगी सिविल सर्जन से जानकारी, ओपीडी, आईपीडी, बेड संख्या और संस्थागत डिलीवरी की नहीं दी सूचना

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नगीना। पानीपत, फतेहाबाद के साथ ही नूंह के जिला अस्पताल में भी 100 से बढ़ाकर 300 बिस्तर करने की योजना दो साल पहले तैयार की गई थी, लेकिन नूंह को छोड़कर दोनों जिलों के अस्पतालों में बिस्तर बढ़ा दिए गए हैं। इस सिलसिले में महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा ने 7वीं बार सिविल सर्जन से जानकारी मांगी है। वित्त आयुक्त एवं प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वर्ष 2018 में तीन बार जिला अस्पताल मांडीखेड़ा को अपग्रेड करने का प्रस्ताव मांगा गया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के बाद 2019 और 2020 में पत्र जारी किया गया था। वित्तवर्ष 2020-21 में नूंह स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मांडीखेड़ा अस्पताल को 100 से बढ़ाकर 300 बेड करने का प्रस्ताव पहुंचा है। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नूंह में 100 बेड अस्पताल व सिविल सर्जन कार्यालय बनाना भी शामिल है। महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय से बार-बार जिला स्वास्थ्य विभाग नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा को अपग्रेड करने की जानकारी मांगी गई। हाल ही में देरी से जवाब देने के कारण फाइल को लौटा दिया गया है। इसमें ओपीडी, आईपीडी, बेड संख्या और संस्थागत डिलीवरी की जानकारी नहीं दी गई थी।
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अफसरों की रही लेटलतीफी
मुबारिक अटेरना, सलीम अहमद उलेटा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जानबूझकर जिला अस्पताल में 300 बिस्तर नहीं कर रही है। सामाजिक संगठनों की मांग को 2019 में मुख्यमंत्री ने अमलीजामा पहनाने का एलान किया था। अफसरों की लेटलतीफी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लचर है।
जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा को 200 बेड करने की अनुशंसा पिछले साल सरकार को भेजी थी। इसमें नूंह में 100 बेड का नया अस्पताल भी शामिल था। नए वित्तवर्ष में जिले को यह सौगातें मिलेंगी।
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- डॉ. सुरेंद्र यादव, सिविल सर्जन नूंह।
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