ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित व्हाइट आर्किड सोसाइटी में एओए के आपसी विवाद मामले में डिप्टी रजिस्ट्रार ने एसोसिएशन के अध्यक्ष को नोटिस जारी करके 15 दिनों में तीन प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बिना बोर्ड की चर्चा और सचिव की सहमति के जीबीएम किस आधार पर बुलाई गई? क्या जीबीएम से पहले बोर्ड के बहुमत सदस्यों की सहमति ली गई थी? इस पूरी प्रक्रिया में किन नियमों का पालन किया गया?
एओए सचिव ऐश्वर्य प्रकाश पांडेय ने 15 मई को शिकायत दर्ज कराई गई थी कि सोसायटी के अध्यक्ष लगातार अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। बिना बोर्ड में चर्चा किए और बहुमत की स्वीकृति लिए अध्यक्ष ने सोसाइटी के लेटरहेड का इस्तेमाल करके कई मनमाने निर्णय लिए। बिना सचिव की सहमति के जीबीएम (जनरल बॉडी मीटिंग) बुलाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। एओए अध्यक्ष बलवंत सिंह का कहना है कि नियमों के अनुसार ही कार्य कराएं जा रहे हैं। दूसरे पक्ष का आरोप है कि सचिव सहित अन्य पदाधिकारी बैठकों से गायब रहते हैं। निवासियों की सहमति से ही सोसाइटी में निर्णय लिए जाते हैं। ब्यूरो