नोएडा। जिले में डेंगू का कहर लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 24 घंटे में 13 नए मामले सामने आए हैं। अब मरीजों का आंकड़ा 275 पहुंच गया है। विभाग ने इस साल डेंगू से पहली मौत की पुष्टि भी कर दी है। डेंगू के बढ़ रहे मामलों की रिपोर्ट लखनऊ तलब की गई है। वहीं, डेंगू से संबंधित जानकारियां छिपा रहे निजी अस्पतालों को नोटिस जारी करने की तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है। अक्तूबर में डेंगू का डंक जनपदवासियों पर भारी पड़ रहा है। सितंबर तक 49 मामलों की पुष्टि हुई थी, जबकि अक्तूबर के 20 दिनों में 226 मामले सामने आ चुके हैं। संदिग्ध मामले मानते हुए अब तक जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू से एक भी मौत की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन 19 अक्तूबर को कैलाश अस्पताल में हुई किशोर की मौत की वजह डेंगू मानी गई है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि सेक्टर-12 के जे ब्लॉक निवासी अतुल्य त्रिपाठी (14) को बुखार के साथ कमजोरी के शुरुआती लक्षण थे। 15 अक्तूबर की शाम उसे सेक्टर-35 स्थित सुमित्रा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे सामान्य वायरल बुखार का उपचार दिया। इसके बाद परिजन 16 अक्तूबर को सेक्टर-12 के एक क्लीनिक पर किशोर को लेकर गए, जहां डॉक्टर ने सामान्य वायरल के उपचार के साथ उसे आराम करने की सलाह दी। तबियत बिगड़ने पर आधी रात को किशोर को कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां एनएस-1 एंटीजन जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद 19 अक्तूबर की शाम करीब 6 बजे किशोर की मौत हो गई।
इंफेक्शन के साथ किडनी पर भी पड़ा असर
स्वास्थ्य विभाग ने किशोर की मौत की वजह सेप्टिक शॉक विद डेंगू शॉक सिंड्रोम, थ्रंबोसाइटोपेनिया विद एकेआई बताया है। एकेडमी ऑफ इंडियन पीडियाट्रिक नोएडा के अध्यक्ष डॉ. एसपी शर्मा ने बताया कि, इसका मतलब हैमरेजिक फीवर के साथ खून में सामान्य स्तर से कम प्लेटलेट्स (थ्रंबोसाइटोपेनिया) के अलावा इंफेक्शन है। इसकी वजह से किशोर शॉक सिंड्रोम का शिकार हुआ। शरीर में फ्लड खत्म होने सहित अन्य वजह से एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) से भी किशोर ग्रसित हो गया था।
दस बिंदुओं पर लखनऊ भेजी रिपोर्ट
डेंगू के बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई है। जिले में डेंगू के मामले, उससे निपटने की कार्ययोजना के अलावा बच्चे की मौत को लेकर दस बिंदुओं पर आधारित रिपोर्ट भेजी गई है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि, निजी अस्पतालों की तरफ से डेंगू संबंधित मामलों की सही जानकारी नहीं मिल रही है। लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों को नोटिस जारी किए जाएंगे।