नोएडा (योगेश शर्मा)। जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में बुखार से तप रहे मरीजों की कतारें लग रही हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों का डेंगू बताकर इलाज किया जा रहा है। अब तक की जांच में हर दसवें मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का रिकॉर्ड जिले में डेंगू के 13 मरीज ही बता रहा है। वहीं, डेंगू के इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को जानकारी तक उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। डेंगू मरीजों की जानकारी छुपाने की वजह से ऐसे क्षेत्रों की पहचान नहीं हो पा रही है, जहां लार्वा नष्ट करने का अभियान चलाया जा सके। जिले में केवल तीन सरकारी संस्थानों से ही डेंगू से संबंधित मामलों की जानकारी मिल पाई है।
15 सितंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, जिम्स में 154 मरीजों की रैपिड जांच में 16 में डेंगू की पुष्टि हुई, जबकि नोएडा के चाइल्ड पीजीआई ने 59 मरीजों की एलाइजा जांच में 5 बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई। इस लिहाज से अब तक की जांच में हर दसवें या ग्यारहवें मरीज में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जिले के निजी अस्पतालों की ओपीडी में भी रोजाना 10 से 15 मरीज डेंगू के लक्षण लेकर पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों को डेंगू बताकर इलाज किया जा रहा है, लेकिन किसी भी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं दी है। जबकि प्रत्येक तीन दिन में निजी अस्पतालों को रिपोर्ट देना अनिवार्य किया गया है।
सरकारी अस्पताल में नहीं मिल रहे डेंगू के मरीज
सेक्टर-30 स्थित जिला संयुक्त अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार से कराह रहे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चार दिन में 250 से अधिक मरीज यहां भर्ती हो चुके हैं। इनमें 50 फीसदी मरीजों को बुखार है। अस्पताल में ही केंद्रीय लैब है, जहां जिले के सभी अस्पतालों के नमूनों की जांच करने के बाद ही रिपोर्ट मान्य होती है। इस लैब में अब तक 974 रैपिड जांच हो चुकी हैं, लेकिन डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला। 42 एलाइजा जांच में महज दो मरीजों में ही डेंगू निकला।
रिकॉर्ड में बढ़ने की जगह घट गए मरीज
स्वास्थ्य विभाग ने 15 सितंबर को रिपोर्ट जारी की थी। इसमें डेंगू के 23 मरीजों की जानकारी दी गई थी। शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में डेंगू के केवल 13 मामले बताए गए हैं। इनमें दो मामले बृहस्पतिवार को सामने आए हैं। डेंगू का केवल एक ही सक्रिय मरीज बताया गया है।
बाहरी लैब के 10 फीसदी सैंपल की होगी जांच
पिछले दिनों डेंगू की तैयारियों का जायजा लेने आए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सचिन वैश्य ने हर तीन दिन में सभी अस्पतालों को डेंगू की जांच से संबंधित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। हालांकि, निजी अस्पताल विभाग के नियम को दरकिनार कर रहे हैं। जिला मलेरिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि निजी अस्पतालों की लैब के 10 फीसदी नमूनों की जांच की जाएगी।
जिले में डेंगू के 13 मामलों की पुष्टि अब तक हुई है। स्क्रब टाइफस के तीन मामले मिले हैं, लेकिन इस बीमारी से सभी मरीज ठीक हो चुके हैं। सभी अस्पतालों को जानकारी देने के दिशा-निर्देश दिए गए हें। - डॉ. सुनील कुमार शर्मा, सीएमओ