केग्रेटर नोएडा। औद्योगिक सेक्टर साइट-5 स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में बिना सेफ्टी मास्क और सुरक्षा उपकरणों के टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूर जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गए। साथी मजदूराें ने किसी तरह दोनों को बाहर निकालकर ग्रेनो के कैलाश अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कासना कोतवाली पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, साइट-5 झुग्गी निवासी रविंद्र (18) ने शिकायत में आरोप लगाया है कि साइट-5 सेक्टर के डी-6 में जगदंबा पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड केमिकल बनाने की फैक्ट्री है। फैक्ट्री के ठेकेदार राजस्थान झुंझुनू निवासी हेमंत ने मंगलवार रात कासना स्थित झुग्गियों में जाकर बांदा निवासी रामभेष (26), रमेश, रविंद्र व पंकज (22) को टैंक की सफाई करने के लिए कहा। पंकज और रविंद्र दोनों रिश्ते के भाई हैं जबकि रामदेश मौसा लगता है। ठेकेदार ने टैंक की सफाई के लिए छह हजार रुपये देने की बात कही तो चारों मजदूर तैयार हो गए। फैक्ट्री मालिक सुरेंद्र गुप्ता ने एक बड़ा टैंक दिखाया। इसमें अंदर और बाहर जाने का एक ही रास्ता था। चारों जब अंदर जाने लगे तो डीजल और केमिकल की महक आने लगी। इससे उनका दम घुटने लगा तो उन्होंने ठेकेदार और फैक्ट्री मालिक को जानकारी देकर सेफ्टी मास्क सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों मांगे जो नहीं मिले।
ठेकेदार और फैक्ट्री मालिक ने कहा कि खतरे की कोई बात नहीं है। इसमें से सात-आठ बार पानी निकलवा चुके हैं। चारों को बस अंदर जाकर कचरा साफ करना है। उनकी बात मानकर पंकज और रामभेष टैंक में उतरे तो बेहोश हो गए। रविंद्र और रमेश ने बड़ी मुश्किल से दोनों को बाहर निकालकर परिजनों व पुलिस को सूचना दी। दोनों मजदूरों को साथियों ने कैलाश अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोपी ठेकेदार हेमंत और फैक्ट्री मालिक सुरेंद्र गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
पहले भी हुई हैं मौतें पर इस्तेमाल नहीं होते सुरक्षा उपकरण
जिले में सफाई कर्मियों और मजदूरों की मौत होने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार खर्च बचाने के लिए सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर ध्यान नहीं देते। दो वर्ष पहले नोएडा में चार सफाई कर्मियों की सेफ्टी टैंक में बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरने पर जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मौत हो गई थी। वहीं, ग्रेनो में एक वर्ष पहले टैंक में सफाई करने उतरे एक सफाई कर्मी की मौत हो गई थी। पैसे बचाने के कारण कंपनी मालिक और ठेकेदार सस्ते में मजदूर लाकर काम करा लेते हैं। प्रशिक्षित कर्मी और सेफ्टी टैंकों को साफ करने वाली मशीनों का इस्तेमाल नहीं करके लापरवाही बरती जाती है।
रामभेष की एक वर्ष पहले हुई थी शादी
रामभेष की एक वर्ष पूर्व ही दुलारी से शादी हुई थी। घटना के बाद दुलारी और अन्य परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। पंकज की अभी शादी नहीं हुई थी। रिश्तेदारी में दो लोगों की मौत पर परिजन सुधबुध खोकर अस्पताल के बाहर बैठे थे।
फैक्ट्री मालिक देगा 17 लाख मुआवजा
शाम को श्रम विभाग ने मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुआवजे के तौर पर फैक्ट्री मालिक से एक मजदूर को 8.61 लाख और दूसरे को 8.73 लाख रुपये दिलवाने की बात कही है।