पहले जताई थी कीमती पुर्जे निकाल नए मोबाइल में इस्तेमाल की आशंका
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि नटवरलाल और यहां रहने वाले चीनी नागरिक दिल्ली के सोनू नाम के स्क्रैप कारोबारी और पानीपत के एक अन्य स्क्रैप कारोबारी के संपर्क में थे। इसी स्क्रैप को भारतीयों की मदद से चीनी नागरिक खरीदते थे। अब तक आशंका जताई जा रही थी कि ये पुराने मोबाइल से कीमती पुर्जे निकालकर चीन भेजते हैं। फिर इन्हीं पुर्जों का इस्तेमाल कर नए मोबाइल में इंस्टाल करते हैं। लेकिन अब जानकारी मिली है कि ये ऐसे पुर्जे निकालते थे, जिनसे लोगों का डाटा चोरी किया जा सके। एसटीएफ ने भी कोर्ट में रिमांड याचिका पर आरोपियों को दिल्ली व पानीपत ले जाने की बात कही है।
जांच में जुटे अधिकारियों ने कोर्ट में यह बात कही है कि इस मामले में पकड़े गए आरोपी पुराने मोबाइल खरीदकर उनसे रैम आदि निकाल लेते हैं। ये सब चीन भेजे जाते हैं और इससे आशंका है कि भारत के लोगों का डाटा चीन भेजकर देश की सुरक्षा में सेंध लगाई गई है। - रजनीश यादव, अधिवक्ता