प्रवीण कुमार के नाम से बनेगी सड़क और स्टेडियम, गांव में विकास कार्य भी होंगे
जेवर स्थित अपने गांव गोविंदगढ़ पहुंचे प्रवीण का कोच के साथ हुआ सम्मान
7 किमी तक निकाला रोड शो, जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी भी स्वागत में उमड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
जेवर। पेरिस पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद रविवार को पहली बार प्रवीण कुमार जेवर स्थित अपने गांव गोविंदगढ़ पहुंचे। यहां उनके स्वागत में जनसैलाब उमड़ पड़ा। यमुना एक्सप्रेसवे से सात किलोमीटर तक बाइक व कार रैली निकाली गई। प्रवीण का स्वागत करने वालों में सांसद डाॅ. महेश शर्मा, जिला पंचायत चेयरमैन अमित चौधरी और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा भी शामिल रहे। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों ने घोषणा की कि प्रवीण के नाम से गांव में सड़क और क्षेत्र में खेल स्टेडियम बनाया जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे के साबौता इंटरचेज पर ग्रामीण व क्षेत्र के युवा डीजे और फूलमाला लेकर सुबह से ही इंतजार में खडे थे। प्रवीण के पहुंचने पर फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद रोड शो शुरू हुआ जो एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से खुर्जा अंडरपास, जेवर मेन चौराहे से होकर प्रवीण के प्रज्ञान पब्लिक स्कूल तक पहुंचा। यहां प्रवीण ने पढ़ाई की थी। स्कूल में स्वागत के बाद काफिला गांव पहुंचा। यहां सुबह से स्वागत समारोह की तैयारी चल रही थी। प्रवीण ने रोड शो के दौरान हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। गांव में प्राचीन शिव मंदिर पर आयोजित स्वागत समारोह में सबसे पहले सांसद डॉ. महेश शर्मा ने प्रवीण व कोच सतपाल सिंह का स्वागत कर बधाई दी।
गांव व जेवर का नाम रोशन किया
सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि जेवर वैसे तो दुनिया में एयरपोर्ट की वजह से पहचान बना रहा है, लेकिन प्रवीण ने पेरिस में कमाल कर दुनिया में गांव व जेवर का नाम रोशन कर अलग पहचान दिलाई है। जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने कहा कि प्रवीण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जब प्रवीण स्वर्ण पदक जीत सकते हैं तो बाकी युवाओं को भी आगे बढ़ना चाहिए। जिला पंचायत चेयरमैन अमित चौधरी ने कहा कि जिला पंचायत उनके नाम से गांव से खेल स्टेडियम तक सड़क का निर्माण कराएगा। जिला पंचायत से उनके नाम पर गांव का विकास कराया जाएगा। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहां कि प्रवीण इस क्षेत्र की शान हैं। उनके नाम पर गांव में स्कूल से घर तक का रास्ता बनेगा। साथ ही, खेल स्टेडियम का निर्माण प्रवीण के नाम पर कराया जाएगा।
कोच सतपाल और एशियाई स्वर्ण पदक विजेता अंकुर का भी स्वागत
गोविंदगढ गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने प्रवीण को इस मुकाम पर पहुंचाने वाले कोच सतपाल का भी स्वागत और सम्मान किया। प्रवीण के साथी खिलाड़ी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता अंकुर धामा का भी स्वागत किया गया। प्रवीण ने बताया कि पेरिस में स्वर्ण पदक तक पहुंचाने में दोनों की अहम भूमिका है। कोच सतपाल के परिवार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भी हमेशा खेल को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।