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करोड़ों रुपये खर्च, फिर भी शहर में अंधेरा

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नूंह। नगर परिषद ने 3 साल पूर्व जिला मुख्यालय के शहर में करोड़ों की राशि खर्च कर स्ट्रीट लाइटों की सुविधा दी थी। लेकिन दो साल बीतने के बाद शहर में एक बार फिर से अंधेरा छाने लगा है। इससे गोशाला रोड, पुराने दिल्ली अलवर रोड पर शाम के समय में लूटपाट की वारदात हो चुकी है। बीते माह गोशाला रोड पर 4 व जोगीपुर रोड पर एक व्यक्ति के साथ मोबाइल लूट का मामला सामने आया था। लोगों ने कहा कि अंधेरे के कारण लूटपाट करने वालों के हौसले बुलंद है। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी रहती है, जिससे हमेशा अंधेरा छाया रहता है, अंधेरे में कोई आता जाता नहीं है इसलिए सन्नाटा पसरा रहता है। नलहड मेडिकल कॉलेज से लोगों का रात 11 बजे तक मरीजों व डाक्टरों का तांता लगा रहता है।
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कालेज कर्मचारियों का कहना है कि करोड़ों की लागत से लगी ये लाइटें दो-तीन महीने ही जल सकी। अब ये शोपीस बनी हुई हैं। लोग नूंह से छोटी-मोटी खरीदारी करने के लिए देर रात तक आते-जाते रहते हैं। पुराना डीसी रोड से निकलते वक्त घबराते हैं। क्योंकि इस रोड पर कई बार लूटपाट की वारदात हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या के समाधान पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। संवाद
लोगों को होती है परेशानी
रात के समय में शहर के लोगों को घर से खाना खाने के बाद में पार्क आदि में घूमने के लिए जाना पड़ता है लेकिन अंधेरा होने के कारण लोग घरों से बहार नहीं निकल पाते हैं। इसी कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का झेलना पड़ रहा है।
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इस बारे में पता किया जाएगा स्ट्रीट लाइट क्यों नहीं जल रही है। अगर कोई कमी है तो उसे दूर कराकर शहर की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा।
सलोनी शर्मा, एसडीएम नूंह।
शहर की यह समस्या आज नई नहीं है बल्कि कई साल से बनी है। प्रशासन को इस और ध्यान देना चाहिए। जिससे लोगों को परेशानियों से राहत मिल सके।
मुस्तककीम सौंख।
अंधेरा रहने से यहां पर कई तरह की परेशानी आती है। इस समस्या का प्रशासन को समाधान कराना चाहिए। जिला मुख्यालय पर देर रात तक लोगों का आवागमन रहता है।
सनाउल्ला खान, कांग्रेसी नेता।
यह समस्या बहुत गंभीर है। लाइटों को दुरुस्त कराने के लिए प्रशासन को कार्य करना चाहिए। लोगों को रात के समय टहलने में भी परेशानी होती है।
दीपक शर्मा।
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