सेंटर फॉर साइबर क्राइम इनवेस्टिगेशन (सीसीसीआई) की टीम ने तीन सालों से इंश्योरेंस और मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने बृहस्पतिवार को लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन (दिल्ली) के पास छापा मारकर गिरोह के सरगना समेत तीन लोग को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान न्यू अशोक नगर, दिल्ली निवासी श्यामधर पांडे, अमरोहा निवासी नौशाद और मथुरा निवासी भूपेंद्र सिंह के रूप में हुई है। पुलिस अन्य आरोपियों योगिता रावत, जीतू और अशोक को तलाश रही है।
एसपी सिटी और सीसीसीआई के नोडल अधिकारी दिनेश यादव का दावा है कि गिरोह के 7 बैंक खाते को सीज कर दिया गया है, जिनसे 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। गिरोह सैकड़ों लोगों से करोडों का फर्जीवाड़ा कर चुका है। यह गोरखधंधा एक कॉल सेंटर से चलाया जा रहा था।
टीम के प्रभारी विवेक रंजन राय ने बताया कि गिरोह के सरगना श्यामधर ने अक्तूबर 2013 में पहली बार आशीष बनकर हबीबपुर नवादा निवासी जेपी कंपनी के अधिकारी महीपाल सिंह को फोन किया। उसने कहा कि अगर वह अपनी जमीन किराये पर दे दें तो वह वहां पर रिलायंस का मोबाइल टावर लगवा देगा।
श्यामधर ने उनसे 50-50 हजार रुपये तीन बार में जमा करा लिए। श्यामधर ने महीपाल ने कहा कि वह 32,000 रुपये बतौर किराया और 18,000 रुपये सुरक्षागार्ड के वेतन के नाम पर हर माह 50,000 रुपये देगा। ऐसे करते-करते सरगना ने 2015 तक महीपाल से 4.52 लाख रुपये ले लिए और संपर्क करना बंद कर दिया। महीपाल ने इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सीसीसीआई के खुलने के बाद महीपाल की उम्मीद जगी और उन्होंने यहां शिकायत की।
नाम बदलकर देते थे झांसा
वर्ष 2013 के बाद 2015 में श्यामधर ने अपने गुर्गे से जब महीपाल को कॉल कराया तो उसने अपना नाम शिव रत्न बताया। शिव रत्न ने कहा कि हमारी कंपनी में काम करने वाले आशीष की मौत हो चुकी है। ऐसे में उन्हें 1.50 लाख और देने होंगे, जिससे उनके यहां टावर लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
टीम के प्रभारी ने बताया कि गिरोह नाम बदल-बदलकर लोगों से करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर चुका है। गिरोह इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने और रिन्यू कराने के नाम पर भी फर्जीवाड़ा करता था। कई बार योगिता भी लोगों को फोन करती थी।
कॉल सेंटर से बरामदगी : 13 मोबाइल, दो सेट वॉकी-टॉकी, कई एटीएम कार्ड, चेक बुक, काफी संख्या में सिम कार्ड और करीब 18,000 रुपये।
गिरोह तीन साल से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था। इससे पहले गैंग ने नोएडा सेक्टर-63 और सेक्टर-3 में अपना कॉल सेंटर बनाया था। अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी। - दिनेश यादव, एसपी सिटी