जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की भूमि पर सोमवार को निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। सबसे पहले निर्माण और विकासकर्ता कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की भारतीय कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) ने भूमि समतल करने का काम शुरू कराया है।
कंपनी अपने साइट कार्यालय तैयार कर चारदीवारी का निर्माण कराएगी। जिसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) का भवन निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। जल्द ही शिलान्यस की तिथि घोषित कर दी जाएगी। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट का शिलान्यास कर करेंगे।
केंद्र और प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजक्ट माने जा रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की शुरुआत सोमवार को हुई। रविवार को ही एयरपोर्ट की साइट पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए उपकरण और मशीनें पहुंच गई थीं। इससे पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का मास्टर प्लान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) बोर्ड में ले जाने से पहले इसे मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (मोका), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने पास भेजा गया था।
इन एजेंसियों ने मास्टर प्लान में कुछ सुझाव दिए थे। इन सुझावों को सम्मिलित करते हुए फिर इन एजेंसियों को मास्टर प्लान भेजा गया था। इन एजेंसियों की हरी झंडी मिलने के बाद 13 अगस्त को मास्टर प्लान को नियाल के बोर्ड में रखा गया। बोर्ड ने मास्टर प्लान पर मंजूरी देते हुए कहा था कि इसे यमुना प्राधिकरण अपने बोर्ड में पास कराए।
यमुना प्राधिकरण ने अपने बोर्ड (परिचालन बैठक) में इस मास्टर प्लान को प्रस्तुत किया। बोर्ड ने इसे मंजूर कर दिया है। बोर्ड ने देखा कि उनके अधिसूचित क्षेत्र में जहां पर नागरिक उड्डयन के लिए जगह थी, वहां पर यह साइट है। इसके अलावा बिल्डिंग बाइलाज के मुताबिक, यह मास्टर प्लान है। ग्राउंड कवरेज और एफएआर भी नियमों के मुताबिक है।
26 अगस्त को होगा कार्यालय पर पूजन
निर्माण कंपनी पहले जमीन समतल कराने के बाद अपना साइट कार्यालय बनाएगी। 26 अगस्त को साइट कार्यालय में पूजन किया जाएगा। इसके बाद कंपनी आगे का निर्माण कार्य शुरू करेगी। शिलान्यास से पहले कंपनी अपनी सहयोगी वेंडरों से जमीन का समतलीकरण का कार्य और बाउंड्री वाल का काम पूरा करा लेना चाहती है।
एयरपोर्ट की भूमि पर मशीन व उपकरण आदि पहुंच गए थे। सोमवार से समतलीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले जमीन समतल कर साइट कार्यालय बनाया जाएगा। इसके बाद चारदीवारी बनाने का काम शुरू होगा। -
डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण